हिमाचल में Judicial Papers और Judicial Stamps पर प्रतिबंध

जिला ऊना में प्रशासन ने किसी प्रकार की शिकायत दर्ज करने अथवा आवदेन या प्रार्थना पत्र के लिए Judicial Paper और Judicial Stamp के प्रयोग पर तुरंत प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। 
 | 
जिला ऊना में प्रशासन ने किसी प्रकार की शिकायत दर्ज करने अथवा आवदेन या प्रार्थना पत्र के लिए Judicial Paper और Judicial Stamp के प्रयोग पर तुरंत प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। 

ऊना। हिमाचल प्रदेश में अब न्यायिक पेपर और न्यायिक टिकटों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। अगर अब आप प्रशासन के समक्ष कोई आवेदन या प्रार्थना पत्र, शिकायत पत्र पेश करना चाहते हैं तो उसके लिए आपको ज्यूडिशयल पेपर (Judicial Papers) और स्टाम्प (Judicial Stamp) की आवश्यकता नहीं है। जिला ऊना में प्रशासन ने किसी प्रकार की शिकायत दर्ज करने अथवा आवदेन या प्रार्थना पत्र के लिए Judicial Paper  और Judicial Stamp के प्रयोग पर तुरंत प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। 

यह भी पढ़ेंः-कंगना रनौत के विवाद जिसकी वजह से मिला 'पंगा गर्ल' का टैग


जिला ऊना के उप पंजीयक कार्यालयों में कार्यरत दस्तावेज लेखकों और टंककों द्वारा प्रशासन से किसी प्रकार की शिकायत दर्ज करने अथवा आवदेन या प्रार्थना पत्र के लिए न्यायिक पेपर और न्यायिक टिकटों के प्रयोग को तुरंत प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया गया है। न्यायिक पेपर और न्यायिक टिकटों पर प्रतिबंध लगाने के संबंध में यह जानकारी उपायुक्त ऊना राघव शर्मा (DC Una Raghav Sharma) ने दी।

यह भी पढ़ेंः-निजी स्कूलों में प्राइमरी कक्षाओं के बच्चों को बुलाना है या नहीं, स्कूल खुद लें फैसला


उपायुक्त, ऊना राघव शर्मा ने बताया कि दस्तावेज लेखकों तथा टंककों द्वारा प्रशासन से प्रार्थना, अनुरोध या शिकायत लिखने के लिए न्यायिक पेपर तथा टिकटों के प्रयोग पर रोक लगा दी गई है और जिला के समस्त उप पंजीयक कार्यालयों को इन आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए पत्र जारी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि दस्तावेज लेखकों और टंककों द्वारा आदेशों की उल्लघना करने पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा सकती है। 

फेसबुक पर हमसे जुड़ने के लिए यहांक्लिक  करें। साथ ही और भी Hindi News (हिंदी समाचार) के अपडेट पाने के लिए हमेंगूगल न्यूज पर फॉलो करें।