हिमाचल में आज से बढ़ गई मनरेगा दिहाड़ी, जानें अब एक दिन की कितनी मिलेगी मजदूरी

हिमाचल प्रदेश में एक अप्रैल से मनरेगा कामगारों को बढ़े हुए रेट के हिसाब के दिहाड़ी मिलेगी। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने 17 फरवरी को अपने बजट भाजपा में मनरेगा कामगारों की दिहाड़ी में 60 रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की थी।
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हिमाचल प्रदेश में एक अप्रैल से मनरेगा कामगारों को बढ़े हुए रेट के हिसाब के दिहाड़ी मिलेगी। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने 17 फरवरी को अपने बजट भाजपा में मनरेगा कामगारों की दिहाड़ी में 60 रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की थी। अब एक अप्रैल से हिमाचल के लाखों मनरेगा कामगारों को दिहाड़ी में की गई 60 रुपये की बढ़ोतरी का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। 

हिमाचल प्रदेश में एक अप्रैल से मनरेगा कामगारों को बढ़े हुए रेट के हिसाब के दिहाड़ी मिलेगी। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने 17 फरवरी को अपने बजट भाजपा में मनरेगा कामगारों की दिहाड़ी में 60 रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की थी। अब एक अप्रैल से हिमाचल के लाखों मनरेगा कामगारों को दिहाड़ी में की गई 60 रुपये की बढ़ोतरी का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। 

हिमाचल प्रदेश में पहली बार मनरेगा की दिहाड़ी में इतनी बढ़ी बढ़ोतरी की गई है। अब हिमाचल में मनरेगा के तहत काम करने पर मजदूरों को 240 रुपये की दिहाड़ी की जगह 300 रुपये दिहाड़ी मिलेगी। यानी अब अगर आप महीने में 15 दिन भी मनरेगा में काम करते हैं तो 4,500 रुपये मिलेंगे और 30 दिन काम करने पर 9,000 रुपये मजदूरी मिलेगी। पहले 15 दिन काम करने पर 3600 और 30 दिन काम करने पर 7200 रुपये मजदूरी मिलती थी।

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अपने पहले बजट में यानी मार्च 2023 में पेश किए गए बजट में मनरेगा की दिहाड़ी को 28 रुपये बढ़ाया था। उस वक्त हिमाचल प्रदेश में मनरेगा मजदूरों को 212 रुपये दिहाड़ी मिलती थी। उनकी घोषणा में वर्ष 2023 में मनरेगा की दिहाड़ी 240 रुपये हुई थी, जो अब 300 रुपये हो गई है। इससे हिमाचल प्रदेश के लगभग 10 लाख मनरेगा मजदूरों को लाभ मिलेगा।

आपको बता दें कि जब से मनरेगा योजना शुरू हुई है तब से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को घर के पास ही रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। लोगों को मजदूरी करने के लिए दूसरे क्षेत्रों का रुख नहीं करना पड़ रहा है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में स्थानीय लोगों की भूमिका भी अदा हो रही है। मनरेगा में काम करने वाले मजदूरों को 15 दिनों के बाद मजूदरी का भुगतान किया जाता है। इससे लोगों को भी काफी लाभ मिल रहा है। 

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