विधानसभा शीतकालीन सत्र: बहाल नहीं होगी पुरानी पेंशन, धर्मशाला में सेवाएं दे रहे कर्मियों को नहीं मिलेगा राजधानी भत्ता

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर (Cm Jairam thakur) ने कहा कि नई पेंशन (New Pension) व्यवस्था केंद्रीय कर्मचारियों और लगभग सभी राज्यों के कर्मचारियों पर लागू है। इसलिए वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन (Old Pension) को बहाल करना संभव नहीं है।
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर (Cm Jairam thakur) ने कहा कि नई पेंशन (New Pension) व्यवस्था केंद्रीय कर्मचारियों और लगभग सभी राज्यों के कर्मचारियों पर लागू है। इसलिए वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन (Old Pension) को बहाल करना संभव नहीं है।

धर्मशाला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर (Cm Jairam thakur) ने कहा कि नई पेंशन (New Pension) व्यवस्था केंद्रीय कर्मचारियों और लगभग सभी राज्यों के कर्मचारियों पर लागू है। इसलिए वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन (Old Pension) को बहाल करना संभव नहीं है। पुरानी पेंशन योजना लागू करने पर एकमुश्त अनुमानित व्यय लगभग 2000 करोड़ रुपये होगा। प्रति वर्ष आवर्ती व्यय लगभग पांच सौ करोड़ होने का अनुमान है। पिछले तीन साल में विभिन्न विभागों में 23,931 नियुक्तियां की गई हैं। ये 80 विभागों अथवा विभिन्न उपक्रमों में की गई हैं। 

शुक्रवार को धर्मशाला के तपोवन में नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, नयनादेवी के कांग्रेस विधायक रामलाल ठाकुर, नादौन के कांग्रेस विधायक सुखविंद्र सुक्खू और किन्नौर के कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी ने इस संबंध में लिखित प्रश्न किया। सदन के पटल पर रखे प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इसका लिखित उत्तर दिया। कांग्रेस विधायकों ने प्रश्न किया था कि क्या सरकार पुरानी पेंशन स्कीम को लागू करने का विचार रखती है। ऐसा है तो ऐसा कब तक किया जा रहा है। यह भी पूछा कि अगर सरकार पुरानी पेंशन व्यवस्था का समाधान करती है तो इस पर कितना खर्च आएगा। तीन साल में विभिन्न विभागों में की गई नियुक्तियों का भी ब्योरा मांगा था। 

धर्मशाला में सेवाएं दे रहे कर्मियों को नहीं मिलेगा राजधानी भत्ता  
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि धर्मशाला में सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को राजधानी भत्ता नहीं दिया जाएगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने यह जानकारी धर्मशाला के भाजपा विधायक विशाल नैहरिया के लिखित सवाल के जवाब में सदन के पटल पर दी। नैहरिया ने पूछा था कि क्या मुख्यमंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि सरकार धर्मशाला में सेवाएं दे रहे अधिकारियों और कर्मचारियों को राजधानी भत्ता देने का विचार रखती है। अगर हां तो कब तक? इसके जवाब में सीएम ने स्पष्ट किया कि यह भत्ता नहीं दिया जा सकेगा। 
 

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