फतेहपुर में बगावती सुरः कांग्रेसी परिवारवाद के खिलाफ निश्वार सिंह लड़ेंगे आजाद

फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट के चाहवान नेताओं ने एकजुट होकर परिवारवाद की राजनीति के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को बागी नेताओं ने आजाद चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है।

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fatehpur Congress

धर्मशाला। जिला कांगड़ा के फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र में बगावत के सुर तेज हो गए हैं। फतेहपुर में कांग्रेस ने परिवारवाद को जिंदा रखते हुए पूर्व मंत्री सुजान सिंह पठानिया के पुत्र को पार्टी का टिकट दिया है। भवानी पठानिया को चुनावी अखाड़े में उतारने की घोषणा के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है। फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट के चाहवान नेताओं ने एकजुट होकर परिवारवाद की राजनीति के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को बागी नेताओं ने आजाद चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है।


फतेहपुर में ऐसे कई नेता हैं जो पूर्व मंत्री सुजान सिंह पठानिया के बेटे भवानी पठानिया को टिकट दिए जाने से नाराज चल रहे हैं। प्रत्याशी के रूप में दावेदारी जता रहे नेताओं का कहना है कि कांग्रेस में परिवारवाद को अहमियत दी जाती रही है। वर्षों से पार्टी के लिए काम कर रहे कार्यकर्ताओं की अनदेखी से पार्टी को हार का सामना करना पड़ सकता है। मंगलवार को ही फतेहपुर से भवानी पठानिया की प्रत्याशी बनाने के बाद फतेहपुर से टिकट की उम्मीद लगाने वालों ने पार्टी के खिलाफ जाने की घोषणा कर दी। 

ठाकुर निश्वार सिंह, चेतन चम्बियाल, राघव पठानिया ने बुधवार प्रेस वार्ता कर निर्दलीय चुनाव लड़ने तक की घोषणा कर दी है। सभी ने एकजुट होकर कांग्रेस कमेटी के पूर्व डेलिगेट ठाकुर निश्वार सिंह को आजाद प्रत्याशी घोषित कर दिया। उन्होंने कहा कि उपचुनाव में परिवारवाद से हट कर अन्य कार्यकर्ताओं को चुनाव लड़ने का मौका पार्टी को देना चाहिए था, परंतु ऐसा नहीं हुआ। फतेहपुर से पहले ही अर्की में भी कांग्रेस टिकट चाह रहे राजेंद्र ठाकुर समेत ब्लॉक कांग्रेस नेताओं ने अपने-अपने पदों से इस्तीफे दिए हैं। 


अर्की और फतेहपुर में बगावत पर उतरे इन नेताओं ने कांग्रेस की चिंता बढ़ा दी है। वरिष्ठ नेता इन्हें मनाने की प्रक्रिया में जुट गए हैं। वहीं पत्रकारवार्ता के दौरान बागी नेताओं ने कहा कि जिस तरह से पंजाब कांग्रेस में घमासान मचा हुआ है, वही स्थिति हिमाचल कांग्रेस की भी है। हिमाचल में भी पार्टी परिवारवाद को कामय रख रही है। पार्टी ने ऐसा नेता पुत्र को टिकट दिया है, जिन्होंने कभी पार्टी के लिए कार्य ही नहीं किया है। उन्होंने कहा कि अब जनता ही तय करेगी कि वह अपना प्रतिनिधि किसे चुनती है। चुनाव के वक्त लोगों के बीच आने वाले को या फिर जो हर वक्त लोगों के साथ जुड़े रहते हैं।

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