E-SHRAM CARD के लिए पंजीकरण करवाने में हिमाचल की महिलाएं पुरुषों से आगे

ई श्रम योजना ( E Shram Yojana ) का एक उद्देश्य भविष्य में ऐसे श्रमिकों के लिए कोई खास स्कीम शुरू करना भी है, जो असंगठित क्षेत्र से जुड़े हैं साथ ही सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं में उनकी भागीदारी भी ​सुनिश्चि करना सरकार की प्राथमिकता में है।
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ई श्रम योजना ( E Shram Yojana ) का एक उद्देश्य भविष्य में ऐसे श्रमिकों के लिए कोई खास स्कीम शुरू करना भी है, जो असंगठित क्षेत्र से जुड़े हैं साथ ही सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं में उनकी भागीदारी भी ​सुनिश्चि करना सरकार की प्राथमिकता में है।

धर्मशाला। E-SHRAM CARD : केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की ई-श्रम कार्ड (e-Shram Card) योजना इन दिनों काफी चर्चा में है। चर्चा का कारण इस लिए भी है, क्योंकि किसी सरकार ने पहली बार देश के असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे मजदूरों की सुध ली है। योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का डाटा तैयार कर रही है, ताकि उनके नाम, स्थान और संख्या की सटीक जानकारी हाथ लग सके। ई-श्रम योजना का एक उद्देश्य भविष्य में ऐसे श्रमिकों के लिए कोई खास स्कीम शुरू करना भी है, जो असंगठित क्षेत्र से जुड़े हैं। साथ ही सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं में उनकी भागीदारी भी सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिका में है। 

हिमाचल प्रदेश समेत देश के अन्य राज्यों मे चल रही इस योजना से अब तक लाखों करोड़ों लोग जुड़ चुके हैं।  हिमाचल प्रदेश में अभी तक (यानी 18 जन वरी तक) 12,25,274 लोगों ने अपना पंजीकरण करवा लिया है। वहीं ई-श्रमिक पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने वाले लोगों में महिलाएं पुरुषों से भी आगे हैं। श्रम मंत्रालय की वेबसाइट के जाटा के अनुसार हिमाचल प्रदेश में 18 जनवरी तक तक पुरुषों की तुलना में ज्यादा महिलाओं ने e-shram portal पर अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। 18 जनवरी तक हिमाचल प्रदेश में 53.77 प्रतिशत महिलाओं ने अपना रजिस्ट्रेशन करा लिया है, वहीं 46.23 करोड़ पुरुषों ने ही अपना रजिस्ट्रेशन कराया है।


हिमाचल प्रदेश में पंजीकरण करवाने वालों में 54.54 प्रतिशत लोग 18-40 आयुवर्ग के हैं,  जबकि 40-50 आयुवर्ग के 28.42 प्रतिशत लोगों ने पंजीकरण करवाया है। इसके अलावा 50 साल के अधिक उम्र के 15.39 प्रतिशत लोगों ने पंजीकरण करवाया है। 


ई-श्रम कार्ड के फायदे? 
ई-श्रम कार्ड के फायदे जानने के लिए सबसे पहले असंगठित क्षेत्र से जुड़े कामगारों को खुद को ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्टर्ड करना होगा। अगर उनकी जानकारी इस पोर्टल पर रजिस्टर्ड है तो उन्हें सरकार की ओर से 2 लाख रुपये का एक्सीडेंट बीमा कवर मिलेगा। अगर कोई कामगार या मजदूर काम के दौरान किसी हादसे का शिकार हो जाता है या विकलांगता का शिकार हो जाता है तो सरकार से उसे 2 लाख रुपए मदद मिलेगी। 
 

ई-श्रम कार्ड का उद्देश्य
ई-श्रम पोर्टल की शुरुआत इसी साल की गई थी, ताकि असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों का डेटाबेस तैयार हो सके। सरकार का मुख्य मकसद जानकारी हासिल करना है कि कितने लोग असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे हैं, जिनतक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। यानी की ई-श्रम पर पंजीकरण करने से सरकार और असंगठित कामगारों के बीच की दूरी खत्म होगी। इससे सरकार और उनके द्वारा वर्तमान व भविष्य में शुरू की जाने वाली योजनाएं का लाभ आप तक सीधा पहुंचेगा।


मिलेगा सरकारी योजनाओं का फायदा
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक आपातकाल, महामारी जैसी कठिन परिस्थितियों में सरकार अंसगठित क्षेत्र में काम करने वाले हर एक कामगार तक मदद पहुंचाने में सक्षम बनेगी। यानी की अगर आगे कोई भी ऐसी स्थिति पैदा होती है, तो आप ई श्रम कार्ड के जरिए सभी सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे।

कौन हैं असंगठित क्षेत्र से जुड़े श्रमिक?
सरकार की नजर में दरअसल असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिक वो हैं जो अपने घर से चलने वाले व्यापार से जुड़े हों। या असंगठित क्षेत्र में वेतन भोगी कामगार हों। इसके साथ ही ESIE या EPFO के तहत कर्मचारी नहीं है, वो इस श्रमिक कैटेगरी में आएंगे।


 

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