हिमाचल बिजली बोर्ड में यूपी-बिहार के युवाओं को नौकरी, कांग्रेस बोली-हिमाचली बच्चे कहां जाएंगे?

हिमाचल प्रदेश स्टाफ सिलेक्शन कमीशन की ओर से आयोजित भर्ती में 16 पदों पर यूपी, बिहार, हरियाणा, दिल्ली और उत्तराखंड के अभ्यर्थी चयनित हुए हैं।
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धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में सरकारी नौकरियों (Government Jobs) में बाहरी राज्यों के युवाओं चयन से फिर से सवाल उठने लगे हैं। प्रदेश युवा कांग्रेस के महासचिव जितेन्द्र धीमान जीतू ने बिजली बोर्ड में जेई (JE) के पदों पर यूपी और बिहार के युवाओं के चयन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बाहरी युवाओं को नौकरी देने पर हिमाचल सरकार से जवाब भी मांगा है।

दरअसल, हिमाचल प्रदेश स्टाफ सिलेक्शन कमीशन की ओर से यह भर्ती आयोजित की गई है। इसका रिजल्ट अब डिक्लेयर किया गया है। इसमें 16 पदों पर यूपी, बिहार, हरियाणा, दिल्ली और उत्तराखंड के अभ्यर्थी चयनित हुए हैं। ऐसे में मामले ने तूल पकड़ लिया है। शुरुआत में चयनित युवा तीन साल के कॉन्ट्रेक्ट पर तैनात होंगे। 


तीन साल के अनुबंध के बाद में इनकी सेवाएं रेगुलर हो जाएंगी। यह भर्ती प्रक्रिया 2018 में शुरू हुई थी। बाद में इस पर कोर्ट ने स्टे लगा दिया था। अब परिणाम सामने आया है। क्योंकि यह भर्ती प्रक्रिया तीसरी और चौथी श्रेणी के लिए नहीं की गई है। ऐसे में देश भर से कोई भी परीक्षा में हिस्सा ले सकता है। मगर हिमाचल कांग्रेस ने प्रदेश सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

जितेन्द्र धीमान ने कहा कि बिजली बोर्ड़ की भर्ती में 16 जेई उतर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, दिल्ली और उत्तराखंड के लगा दिए हैं। जयराम सरकार हिमाचली बच्चे के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं में प्रतिभा और योग्यता की कमी नहीं है, मगर सरकार युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर रही है। 

उन्होंने कहा कि सरकार ये बताए कि हिमाचल में बेरोजगारी खत्म हो गई है या फिर हिमाचल को छोड़कर भाजपा शासित राज्यों के युवाओं को रोजगार देने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि जल्द सरकार ने उचित निर्णय नहीं लिया तो मजबूर होकर प्रदेश कांग्रेस सड़कों पर उतरेगी और सरकार के खिलाफ उग्र आंदोलन शुरू करेगी।

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