आपदा पीड़ितों को आश्रय और सहारा, राज्यपाल शुक्ल ने कुल्लू-चंबा को भेजी सहायता

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने बुधवार को राजभवन से आवश्यक राहत सामग्री के दो वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
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भीषण प्राकृतिक आपदा से प्रभावित कुल्लू और चंबा जिलों के सैकड़ों परिवारों की मदद के लिए राजभवन ने हाथ बढ़ाया है। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने बुधवार को राजभवन से आवश्यक राहत सामग्री के दो वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।  राज्यपाल ने कहा कि यह सहायता उन परिवारों को तत्काल सहारा देगी जिन्होंने हाल की मॉनसूनी आपदा में अपना घर-बार और संपत्ति खो दी है।   राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल,Governor Shiv Pratap Shukla  कुल्लू चंबा,Kullu Chamba,  आपदा प्रभावित परिवार,Disaster Affected Families  राहत सामग्री,Relief Material/Aid,  रेडक्रॉस सोसाइटी,Red Cross Society,  पुनर्वास प्रयास,Rehabilitation Efforts,  तिरपाल कंबल,Tarpaulin Blankets,  रसोई सेट,Kitchen Sets,  राजभवन,Raj Bhavan,

शिमला। भीषण प्राकृतिक आपदा से प्रभावित कुल्लू और चंबा जिलों के सैकड़ों परिवारों की मदद के लिए राजभवन ने हाथ बढ़ाया है। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने बुधवार को राजभवन से आवश्यक राहत सामग्री के दो वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

राज्यपाल ने कहा कि यह सहायता उन परिवारों को तत्काल सहारा देगी जिन्होंने हाल की मॉनसूनी आपदा में अपना घर-बार और संपत्ति खो दी है। यह मानवीय सहायता हिमाचल प्रदेश राज्य रेडक्रॉस सोसाइटी के माध्यम से भेजी गई है, जिसका उद्देश्य आपदा पीड़ितों के लिए पुनर्वास की प्रक्रिया को आसान बनाना है।

राज्यपाल, जो रेडक्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष भी हैं, ने इस अवसर पर कहा कि रेडक्रॉस आपदाग्रस्त लोगों को समय पर सहायता प्रदान करने में सराहनीय भूमिका निभा रही है। उन्होंने जोर दिया कि संकट की इस घड़ी में लोगों तक त्वरित और पर्याप्त मदद पहुँचाना राज्य का नैतिक दायित्व है।

सामग्री में आश्रय और जीवन की बुनियादी जरूरतें शामिल

भेजी गई सामग्री की खेप में विशेष रूप से आश्रय और घरेलू उपयोग की वस्तुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इसमें शामिल हैं:

  • 280 कंबल (सर्दी और रात में आराम के लिए)

  • 300 तिरपाल (अस्थायी आश्रय और बारिश से बचाव के लिए)

  • 74 रसोई सेट (भोजन पकाने की बुनियादी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए)

  • 20 आश्रय उपकरण किट (त्वरित आवास व्यवस्था के लिए)

  • आवश्यक अन्य घरेलू सामान

राज्यपाल शुक्ल ने आश्वस्त किया कि रेडक्रॉस के माध्यम से राहत कार्य निरंतर जारी रहेंगे। उन्होंने जिला प्रशासन और स्थानीय प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपनी आवश्यकतानुसार अतिरिक्त सहायता की मांग करते रहें ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी प्रभावित परिवार बुनियादी ज़रूरतों से वंचित न रहे।

इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव सीपी वर्मा और राज्य रेडक्रॉस सोसाइटी के सदस्य भी उपस्थित थे, जिन्होंने इस महत्वपूर्ण राहत कार्य में सहयोग किया।

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