मंडी में अब मोबाइल की तरह रिचार्ज होंगे बिजली मीटर, 1.5% सस्ती मिलेगी बिजली

हिमाचल प्रदेश में बिजली वितरण व्यवस्था एक नए युग में प्रवेश कर रही है। प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार अब पारंपरिक बिजली मीटरों को विदा कर 'प्रीपेड स्मार्ट मीटर' लगाए जा रहे हैं।
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हिमाचल प्रदेश में बिजली वितरण व्यवस्था एक नए युग में प्रवेश कर रही है। प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार अब पारंपरिक बिजली मीटरों को विदा कर 'प्रीपेड स्मार्ट मीटर' लगाए जा रहे हैं। मंडी जिला में इस योजना का आगाज हो चुका है, जिसके पहले चरण में सभी सरकारी कार्यालयों के पोस्टपेड मीटरों को प्रीपेड मोड पर बदला जाएगा।  शनिवार को मंडी के अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) गुरसिमर सिंह की अध्यक्षता में हुई अंतर-विभागीय बैठक में इस नई प्रणाली का रोडमैप साझा किया गया। प्रीपेड मीटर ठीक वैसे ही काम करेंगे जैसे आपका मोबाइल सिम कार्ड काम करता है। प्रीपेड स्मार्ट मीटर मंडी, हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड, सस्ती बिजली, स्मार्ट मीटर के फायदे, मंडी समाचार, प्रीपेड बिजली मीटर रिचार्ज। Prepaid Smart Meter Mandi, Himachal Pradesh Electricity Board, HPSEB Smart Meter News, Benefits of Prepaid Meters, Mandi News Today, Digital Electricity Meter HP.

मंडी। हिमाचल प्रदेश में बिजली वितरण व्यवस्था एक नए युग में प्रवेश कर रही है। प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार अब पारंपरिक बिजली मीटरों को विदा कर 'प्रीपेड स्मार्ट मीटर' लगाए जा रहे हैं। मंडी जिला में इस योजना का आगाज हो चुका है, जिसके पहले चरण में सभी सरकारी कार्यालयों के पोस्टपेड मीटरों को प्रीपेड मोड पर बदला जाएगा।

शनिवार को मंडी के अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) गुरसिमर सिंह की अध्यक्षता में हुई अंतर-विभागीय बैठक में इस नई प्रणाली का रोडमैप साझा किया गया। प्रीपेड मीटर ठीक वैसे ही काम करेंगे जैसे आपका मोबाइल सिम कार्ड काम करता है।

  1. पहले रिचार्ज, फिर बिजली : उपभोक्ताओं को बिजली इस्तेमाल करने से पहले रिचार्ज करना होगा।

  2. जितना पैसा, उतनी बिजली : रिचार्ज खत्म होते ही आपूर्ति स्वतः बंद हो जाएगी, जिससे बकाया बिलों की समस्या जड़ से खत्म होगी।

  3. एप से निगरानी : उपभोक्ता मोबाइल एप के जरिए अपनी प्रति घंटा बिजली खपत को ट्रैक कर सकेंगे।

आम जनता और विभागों को होने वाले 5 बड़े फायदे

  • सस्ती बिजली : बोर्ड के अनुसार, प्रीपेड व्यवस्था अपनाने वाले उपभोक्ताओं को मौजूदा दरों के मुकाबले लगभग 1.5 फीसदी सस्ती बिजली मिलेगी।

  • बजट पर नियंत्रण : मोबाइल एप के जरिए आप देख पाएंगे कि किस समय कितनी बिजली खर्च हो रही है, जिससे अनावश्यक खपत पर रोक लगेगी।

  • बिल के चक्कर से आजादी : अब न तो बिल आने का इंतजार करना होगा और न ही गलत रीडिंग की शिकायतों के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने होंगे।

  • ऊर्जा संरक्षण : सरकारी कार्यालयों में बिजली के अनावश्यक उपयोग पर अंकुश लगेगा, जिससे राजस्व और ऊर्जा दोनों की बचत होगी।

  • पारदर्शिता : मीटर की हर यूनिट का हिसाब आपकी उंगलियों पर होगा।

चरणबद्ध तरीके से लागू होगी योजना

अतिरिक्त उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि पहले चरण में सरकारी कार्यालयों को अपने पुराने पोस्टपेड बिलों का भुगतान करना होगा, जिसके बाद उन्हें प्रीपेड में बदला जाएगा। दूसरे चरण में औद्योगिक इकाइयों और घरेलू उपभोक्ताओं को भी इस स्मार्ट व्यवस्था से जोड़ा जाएगा।

बैठक में बिजली बोर्ड के वरिष्ठ अधिशाषी अभियंता राजेश कुमार और सहायक अभियंता नरेंद्र ठाकुर ने पीपीटी के माध्यम से अधिकारियों की शंकाओं का समाधान किया। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त रोहित राठौर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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