सुप्रीम कोर्ट के निर्णय अनुसार भर्ती करें विशेष शिक्षक : Vijay Heer

सुप्रीम कोर्ट ने 6 माह में स्कूलों में विशेष शिक्षक नियुक्ति आदेश दिए
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हमीरपुर ।   हिमाचल प्रदेश (HImachal Pardesh) सरकार सुप्रीम कोर्ट के उन आदेशों को लागू करे और सत्र 2022-23 से स्कूलों में विशेष शिक्षक देने हेतु भर्ती प्रक्रिया शुरू करे । प्रदेश के करीब 15 हज़ार अक्षम विद्यार्थियों के लिए इन शिक्षकों का होना अत्यावश्यक है । सरकारी स्कूलों में वर्तमान में करीब सात हज़ार दिव्याङ्ग विद्यार्थी पढ़ रहे हैं जिनको शिक्षा देने का जिम्मा समग्र शिक्षा अभियान के 73 प्राथमिक विशेष प्रशिक्षक व 2 टीजीटी निभा रहे हैं ।

सुप्रीम कोर्ट ने विचाराधीन रजनीश पाण्डेय व अन्य बनाम बनाम यूनियन ऑफ  इंडिया के सिविल रिट याचिका संख्या 876/2017 मामले और दिल्ली के दिव्याङ्ग व्यक्ति राज्य आयोग के मामला संख्या 824/1014/2019/04/3106-3114 दिनांक 3 नवंबर  2021 के आदेश में यह साफ किया है कि विशेष बच्चों के लिए शिक्षक देने हेतु शिक्षक विद्यार्थी अनुपात शीघ्र तय होना चाहिए और इन पदों पर नियमित नियुक्तियाँ की जानी चाहिए । यह मांग राजकीय टीजीटी  (TGT) कला संघ प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कौशल व महासचिव विजय हीर ने प्रदेश सरकार से की है ।

संघ के अनुसार नियमित नियुक्तियाँ सुप्रीम कोर्ट के ताज़ा आदेश तिथि से 6 माह या सत्र 2022-23 से करने हेतु आदेश दिए हैं और तब तक प्रशिक्षित विशेष प्रशिक्षक इनको पढ़ाएँ । स्टॉप गैप पर रखे विशेष प्रशिक्षक तब तक कार्य करेंगे, जब तक नए नियमित विशेष शिक्षक भर्ती नहीं किए जाते । ऐसे में टीजीटी (TGT) और जेबीटी (JBT) कैडर में विशेष बच्चों की संख्या के अनुसार विशेष शिक्षकों के पद सृजित करने होंगे जिन पर विशेष शिक्षा में डिप्लोमा रखने वाले वे शिक्षक तैनात होंगे जो भारतीय  पुनर्वास परिषद द्वारा मान्य डिप्लोमा उत्तीर्ण हैं । जिन सरकारी स्कूलों में दिव्याङ्ग बच्चे पढ़ रहे हैं ,  उनको अनिवार्य रूप से विशेष प्रशिक्षण देय है । अब शिक्षा विभाग को विशेष शिक्षकों के अलग स्थायी पद सृजित करने होंगे ।

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पुरानी पेंशन मामला मुख्य सचिव ने वित्त सचिव को भेजा

पुरानी पेंशन स्कीम सब कर्मचारियों को देने हेतु कुशल वित्तीय योजना निर्माण हेतु टीजीटी कला संघ ने प्रदेश मुख्य सचिव ज्ञापन भेजा था जिसके ऊपर कार्यवाही करते हुए मुख्य सचिव ने वित्त सचिव को मामला भेजा है जिसमें एकमुश्त या चरणबद्ध योजना बनाकर समस्त एनओपीएस धारक कर्मचारियों को पुरानी पेंशन के दायरे में लाने का आग्रह किया गया है ।

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