वन विभाग चम्बा की टीम से उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किए छह लकड़ी तस्कर
चम्बा। वन विभाग चम्बा की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश से मेपल (मंदर) की लकड़ी के साथ छह लोगों को गिरफ्तार किया है। वन विभाग के टीम ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में मेपल पेड़ों की 1,300 टुकड़े भी बरमाद किए हैं। वन विभाग चम्बा की टीम ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा की है।
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सोशल मीडिया पर साझा की जानकारी में वन विभाग की ओर से कहा गया है कि वन वृत्त चम्बा की टीम ने किंग इन द नॉर्थ "The King in the North" को सफल अंजाम दिया है। मेपल/ मंदर के पेड़ों की लकड़ी की तस्करी मामले में मुख्य वन अरण्यपाल अभिलाष दामोदरन और वन मंडल अधिकारी कृतज्ञ कुमार की अगुआई में टीम ने सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) में बेशकीमती लकड़ी का जकीरा पकड़ा है।
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक कुछ दिन पूर्व चम्बा में नेपाल मूल के तीन लोगों को मेपल की लकड़ी के साथ पकड़ा था। मामले में वन विभाग ने गहनता के साथ जांच आगे बढ़ाई तो दस और लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। इनमें अधिकतर लोग नेपाल मूल के थे। इससे विभाग को बड़े स्तर पर मेपल की अवैध तस्करी होने की शंका हुई, जिसके बाद वन विभाग ने जांच शुरू कर दी। आरोपियों की सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में दबिश दी।
वहीं, मुख्य वन अरण्यपाल अभिलाष दामोदरन और वन मंडल अधिकारी कृतज्ञ कुमार की अगुवाई में 18 सदस्यों की टीम ने इस किंग इन द नॉर्थ ऑपरेशन को पूरा किया। मुख्य वन अरण्यपाल अभिलाष दामोदरन ने बताया कि सहारनपुर में छह लोगों को सीक्रेट मिशन के तहत पकड़ा है। मामले में आगामी जांच की जा रही है। मामले में अपनी डैमेज रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई कर रहा है। मामले में अभी कोई एफआईआर नहीं करवाई गई है।
वन विभाग के अनुसार मेपल के पेड़ की तस्करी मामले में बहुत बड़ा गिरोह सक्रिय है। मेपल की लकड़ी बहुत ही रियर होती है। पहाड़ों में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पाई जानें वाली बेशकीमती लकड़ी को पीस में काटा जाता है। उसके बाद कटोरों की शेप देकर पेंट करके चांदी की परत चढ़ाकर चीन में बेचा जाता था। चीन में मेपल की लकड़ी की धार्मिक महत्त्व है। ऐसे में इंडिया से इस लकड़ी की तस्करी में चीन होती थी।
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