Ghulam Nabi Azad राज्यसभा में बोले-मैं खुशकिस्मत हूँ जो कभी पाकिस्तान नहीं गया
RNN DESK। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad) राज्यसभा से रिटायर हो रहे हैं। अपने विदाई भाषण में उन्होंने कहा कि मैं ‘उन चंद खुशकिस्मत लोगों में से हूं जो कभी पाकिस्तान नहीं गए। जब मैं पाकिस्तान के हालात के बारे में पढ़ता हूं तो अपने हिंदुस्तानी मुसलमान होने पर गर्व महसूस करता हूं।’ आजाद ने कहा कि दुनिया देख रही है कि मुस्लिम देश कैसे आपस में लड़कर खत्म हुए जा रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद ने पाकिस्तान से हमदर्दी जताने वालों को भी आड़े हाथों लिया।
मैं उन खुशकिस्मत लोगों में से हूं जो पाकिस्तान कभी नहीं गया। लेकिन जब मैं पढ़ता हूं कि वहां किस तरह के हालात हैं.. पाकिस्तान के अंदर.. तो मुझे गौरव महसूस होता है कि हम हिंदुस्तानी मुसलमान हैं। मैं आज कहूंगा कि विश्व में किसी मुसलमान को अगर गौरव होना चाहिए, वो हिंदुस्तान के मुसलमान को गौरव होना चाहिए। हमने 30-35 सालों से अफगानिस्तान से लेकर…ईराक से लेकर… और कुछ सालों पहले से देखें कि किस तरह से मुस्लिम देश खत्म हो रहे हैं एक-दूसरे के अंदर.. एक-दूसरे से लड़ाई करते हुए। वहां हिंदू तो नहीं हैं, वहां क्रिश्चन तो नहीं हैं। वहां कोई दूसरा तो नहीं है जो लड़ाई कर रहा.. आपस में लड़ाई कर रहे। -गुलाम नबी आजाद
यहां के मुसलमानों में वो बुराइयां नहीं…
गुलाम नबी आजाद ने आगे कहा, “हमदर्द तो पाकिस्तान के बहुत हैं… सुनने में आया है मैं कभी गया नहीं। लेकिन जो समाज में बुराइयां हैं.. दूसरे मुल्क के बारे में नहीं कहना चाहिए लेकिन हम गौरव से ये कह सकते हैं कि हमारे मुसलमानों में वो बुराइयां… खुदा न करे कि कभी भी लाए। लेकिन यहां मेजॉरिटी कम्युनिटी को भी दो कदम आगे बढ़ने की जरूरत है… तभी मॉइनॉरिटी कम्युनिटी 10 कदम आगे बढ़ेगी।”
I am among those fortunate people who never went to Pakistan. When I read about circumstances in Pakistan, I feel proud to be a Hindustani Muslim: Congress MP Ghulam Nabi Azad in his retirement speech in RS pic.twitter.com/0nmJdkMWI8
— ANI (@ANI) February 9, 2021
पीएम मोदी ने कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद की तारीफ करते हुए कहा कि ‘मुझे चिंता इस बात की है कि गुलाम नबी जी के बाद इस पद को जो संभालेंगे, उनको गुलाम नबी जी से मैच करने में बहुत दिक्कत पड़ेगी। क्योंकि गुलाम नबी जी अपने दल की चिंता करते थे लेकिन देश की और सदन की भी उतनी ही चिंता करते थे।’
पीएम मोदी ने गुलाम नबी आजाद को संसद और देश के लिए किए गए योगदान की खातिर सैल्यूट किया। सभी सदस्यों ने मेजें थपथपाकर पीएम मोदी का साथ दिया।
आजाद ने जम्मू-कश्मीर के संदर्भ में कहा, यही दुआ करता हूं कि इस देश से उग्रवाद खत्म हो जाए, आतंकवाद खत्म हो जाए। आजाद ने कहा, “हमारी फोर्सेज के हजारों जवान मारे गए। नागरिक क्रॉस-फायरिंग में मारे गए।” आजाद ने कहा कि ‘मैं जिंदगी में सिर्फ चिल्लाकर रोया। जब रोता है इंसान तो चिल्लाकर रोने के लिए तो आपको आर्टिफिशियल होने की जरूरत नहीं। पहले संजय गांधी की मौत, इंदिरा गांधी की मौत, राजीव गांधी की मौत.. अलग-अलग जगह। तीनों मौतें अचानक हो गईं। अगर नैचुरल होतीं तो शायद चिल्ला के नहीं रोता।”
विदाई पर पीएम मोदी हुए भावुक
आजाद की मंगलवार को हुई विदाई के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भावुक हो गए। मोदी ने उन दिनों को याद किया जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे और कश्मीर में गुजराती पर्यटकों पर हमला हुआ था। उन्होंने कहा, “जब कश्मीर में गुजराती पर्यटकों पर हमला हुआ था, तो सबसे पहले आजाद ने ही मुझे इसकी सूचना दी थी और वे लगभग रो पड़े थे।”
तीन सांसदों का खत्म हो रहा कार्यकाल
गुलाम नबी आजाद का 15 फरवरी को कार्यकाल खत्म होने जा रहा है। साथ ही वे उच्च सदन में विपक्ष के नेता के पद से भी हट जाएंगे। उनके अलावा पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के 2 सांसदों – नजीर अहमद लावे और मीर मोहम्मद फैयाज का भी क्रमश: 10 और 15 फरवरी को कार्यकाल खत्म हो जाएगा। इसी तरह भाजपा के शमशेर सिंह मन्हास का कार्यकाल भी 10 फरवरी को समाप्त हो रहा है।
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