हेल्पलाइन में हिमाचल सरकार के अधिकारी, कोई व्यस्त तो किसी को काॅल नहीं जा रही

हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य से बाहर फंसे हुए लोगों की घर वापसी के लिए बेशक ई-पास सुविधा देकर कुछ हद तक परेशानी कम की हो लेकिन अभी भी बहुत सारे गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों से संबंधित लोग देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे हैं। इनमें से ज्यादातर वही लोग हैं जिनके पास घर
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हेल्पलाइन में हिमाचल सरकार के अधिकारी, कोई व्यस्त तो किसी को काॅल नहीं जा रही

हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य से बाहर फंसे हुए लोगों की घर वापसी के लिए बेशक ई-पास सुविधा देकर कुछ हद तक परेशानी कम की हो लेकिन अभी भी बहुत सारे गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों से संबंधित लोग देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे हैं। इनमें से ज्यादातर वही लोग हैं जिनके पास घर वापसी के लिए अपने वाहन नहीं हैं। या फिर टैक्सियों का भारी भरकम किराया देने की पहुंच नहीं। हालांकि शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर हिमाचल सरकार ने नोडल अधिकारियों के नाम व फोन नम्बर जारी कर दिए। सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए। क्योंकि हर कोई अपने जान पहचान वाले तक राहत की बात पहुंचाना चाह रहा था। मगर सरकार की ये पहल आम लोगों के लिए राहत तो कम लेकिन आफत बन कर रह गई है।

हेल्पलाइन में हिमाचल सरकार के अधिकारी, कोई व्यस्त तो किसी को काॅल नहीं जा रहीकई लोगों ने सरकार द्वारा नियुक्त नोडल अधिकारियों के नंबरों पर संपर्क किया। पहली बार काल की तो कई अधिकारियों के नंबर स्विच ऑफ आए तो कईयों के व्यस्त। किसी अधिकारी का फोन नंबर डायल करते ही आवाज आ रही है कि जहां पर आप कॉल कर रहे हैं वह कॉल दूसरे नंबर पर डायवर्ट कर दी गई है। दुखद ये है कि स्थिति देशभर में खराब है। ऐसे में देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे हिमाचल के लोगों के लिए दूसरा नंबर ही जारी नहीं किया गया है, जिससे कि एक के व्यस्त अथवा स्विच ऑफ आने पर दूसरे नंबर पर काॅल की जा सके।

यह सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं
पुलिस अधीक्षक कांगड़ा के फेसबुक पेज पर कई लोगों ने कंमेंट किए हैं कि अधिकारियों के फोन स्विचऑफ आ रहे हैं। जिन एक दो अधिकारियों से संपर्क हो रहा है, वहां से कोविड ई-पास के लिए आवेदन करने को कहा जा रही है। मजेदार बात ये है कि कोविड ई-पास का आवेदन करने के बाद लोगों को यही जबाब मिल रहा है कि ये सेवाएं उपलब्ध नही हैं।

‘यह कॉल डायवर्ट कर दी गई है’
ज्वालामुखी की नजदीकी पंचायत टिहरी के रिंकू चौधरी ने बताया कि उसके बड़े भाई, भाभी और छोटा बच्चा लुधियाना में फंसे हैं। अपना वाहन नहीं है और घर के लिए नहीं निकल पा रहे हैं। टैक्सियों का किराया भी दो से तीन गुना ज्यादा मांगा जा रहा है। शुक्रवार शाम से ही सरकार द्वारा बनाए नोडल अधिकारी ललित जैन को फोन लगा रहे हैं। शनिवार को भी लगातार 4-5 घंटे कोशिश की। मगर कॉल डायवर्ट कर दी गई है, जवाब मिल रहा है।

अब सोशल मीडिया पर रख रहे अब समस्या
अब लोग अपने अपने जिलों से संबंधित पुलिस अधिकारियों या जिला उपायुक्तों को सोशल मीडिया पर ही कॉमेंट करके मदद की गुहार लगा रहे हैं। लोग मुश्किल में है तथा अधिकारियों के फोन न उठाने के कारण बाहर फंसे लोगों में निराशा पनपती जा रही है। प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा में एस पी विमुक्त रंजन द्वारा सरकार द्वारा निर्धारित नोडल अधिकारियों की सूची की सोशल मीडिया पर पोस्ट ये कहकर डाली गई है कि हिमाचल के भीतर आने वाले या हिमाचल से बाहर जाने वाले लोग सरकार द्वारा देश के हर राज्य में तैनात किए नोडल अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।

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