HIMACHAL GOV’T/30 जून तक बढ़ेगा कर्फ्यू; बसें चलेंगी, नहीं बढ़ा किराया

शिमला। लॉकडाउन 4.0 में HIMACHAL GOV’T ने कैबिनेट बैठक में बड़ी रियायतें देने का निर्णय लिया है। प्रदेश के भीतर एक जून से 60 फीसदी सवारियां लेकर सभी GOV’T और निजी बसें चलेंगी। HIMACHAL में कर्फ्यू पास की जरूरत नहीं है और न यात्री क्वारंटीन होंगे। HIMACHAL में बसों में सवारियां बिना मास्क के नहीं
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HIMACHAL GOV’T/30 जून तक बढ़ेगा कर्फ्यू; बसें चलेंगी, नहीं बढ़ा किराया

शिमला। लॉकडाउन 4.0 में HIMACHAL GOV’T ने कैबिनेट बैठक में बड़ी रियायतें देने का निर्णय लिया है। प्रदेश के भीतर एक जून से 60 फीसदी सवारियां लेकर सभी GOV’T और निजी बसें चलेंगी। HIMACHAL में कर्फ्यू पास की जरूरत नहीं है और न यात्री क्वारंटीन होंगे। HIMACHAL में बसों में सवारियां बिना मास्क के नहीं चढ़ पाएंगी। सरकार बस किराया भी नहीं बढ़ाएगी। बस की सीट के पीछे सवारियों को कोरोना से बचाव की जानकारी मिलेगी। एक दरवाजे से लोग चढ़ेंगे और दूसरे से उतरेंगे। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कैबिनेट में लिए गए फैसलों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में शनिवार को पीटरहाफ होटल में हुई कैबिनेट बैठक में कई निर्णय लिए गए। कंटेनमेंट जोन से बसें गुजरेंगी, लेकिन वहां न सवारियां उतारी जाएंगे और न ही चढ़ाए। सोशल डिस्टेंसिंग के चलते 40 फीसदी सीटें खाली रहेंगी। रात्रि बस सेवा और डीलक्स बसें नहीं चलेंगी। प्रदेश में रविवार या सोमवार से बिना पास के टैक्सी और ऑटो चलने शुरू हो जाएंगे। कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन लागू है। ऐसे में सभी स्कूल-कॉलेजों समेत अन्य शिक्षण संस्थानों को फिलहाल बंद रखें जाएंगे।
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कैबिनेट ने सभी उपायुक्तों को कर्फ्यू 30 जून तक बढ़ाने को अधिकृत किया है। प्रदेश के सभी जिला दंडाधिकारियों को दंड प्रक्रिया संहिता (सीसीपी) 1973 की धारा 144 (1) के तहत जारी आदेशों को 30 जून तक बनाने के लिए अधिकृत किया है। जिला मजिस्ट्रेटों के पास दो माह तक ही कर्फ्यू लगाने के आदेश रहते हैं। आगे सरकार को मंजूरी देनी होती है।


15वें केंद्रीय वित्त आयोग की सिफारिशें होंगी लागू

कैबिनेट ने 15वें केंद्रीय वित्त आयोग की सिफारिशें लागू करने का निर्णय लिया है। आयोग से अभी तक मिले अनुदानों में से 70 प्रतिशत ग्राम पंचायतों, 15 प्रतिशत पंचायत समितियों और 15 प्रतिशत जिला परिषदों को आवंटित किया जाएगा, जिससे वे विकास गतिविधियां शुरू कर सकें। पहले सारा पैसा पंचायतों में जाता था। इसके अलावा कैबिनेट की विशेष बैठक बुधवार को बुलाने पर भी फैसला लिया गया। इसमें प्रदेश में आर्थिक गतिविधियां शुरू करने को लेकर अहम फैसले लिए जाएंगे। इस बैठक में मंत्रिमंडलीय उपसमिति की सिफारिशें भी रखी जाएंगी।

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