रस्मी तौर ही होगी मणिमहेश यात्रा, सरकार ने जारी की अधिसूचना

चम्बा। मणिमहेश यात्रा इस बार भी कोरोना संक्रमण के कारण रस्मी तौर पर ही निभाई जाएगी। इसके लिए प्रदेश सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है। 30 अगस्त को शाही स्नान के साथ मणिमहेश यात्रा का आगाज हो जाएगा। पाबंदियों के बीच सीमित संख्या में ही लोग यात्रा पर जा सकेंगे। मणिमहेश यात्रा के दौरान
 | 
रस्मी तौर ही होगी मणिमहेश यात्रा, सरकार ने जारी की अधिसूचना

चम्बा। मणिमहेश यात्रा इस बार भी कोरोना संक्रमण के कारण रस्मी तौर पर ही निभाई जाएगी। इसके लिए प्रदेश सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है। 30 अगस्त को शाही स्नान के साथ मणिमहेश यात्रा का आगाज हो जाएगा। पाबंदियों के बीच सीमित संख्या में ही लोग यात्रा पर जा सकेंगे। मणिमहेश यात्रा के दौरान निकलने वाली छड़ी के साथ मात्र 25 लोग ही शामिल हो पाएंगे। इसके मणिमहेश ट्रस्ट ने पहले से ही अधिसूचना जारी कर दी है। अब प्रदेश सरकार ने भी इस संबंध में अधिसूचना जारी करके यात्रा को रस्मी तौर पर आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।

 

 

 

उपायुक्त चम्बा डीसी राणा ने कहा कि मणिमहेश यात्रा को लेकर हिमाचल मंत्रिमंडल की बैठक में लिए निर्णय के अनुसार अब यात्रा सिर्फ रस्मी तौर पर ही आयोजित होगी। मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुरूप निदेशक एवं विशेष सचिव (राजस्व) सुदेश कुमार मोख्टा ने पत्र जारी कर दिया है। पत्र में कहा गया है कि भले ही प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण की वर्तमान स्थिति में सुधार हुआ है। मगर कोरोना संक्रमण पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए अभी भी प्रतिबंध लगाने और सावधानियां बरतना आवश्यक है ।

 

 

 

राणा ने कहा कि राज्य सरकार के इस निर्णय के तहत इस वर्ष मणिमहेश यात्रा केवल रस्म के तौर पर ही आयोजित की जाएगी । इसके लिए ज़िला प्रशासन द्वारा कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव हेतु मानक संचालन प्रक्रिया के तहत यात्रा के आयोजन को लेकर सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं । गौरतलब है कि बीते वर्ष भी कोरोना महामारी के फैलने से मणिमहेश यात्रा को रस्मी तौर पर ही आयोजित किया गया था। ऐसे में इस बार भी मणिमहेश यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को निराशा हाथ लग रही है।

यह भी पढ़ेंः-ड्रोन से करते हैं शूटिंग तो सावधान; आ गई है नई पॉलिसी, जान लें ये नए नियम

कोरोना रिपोर्ट और वैक्सीनेशन सर्टीफिकेट जरूरी

यात्रा में शामिल होने वाले हर श्रद्धालु के लिए आरटीपीसीआर की नेगटिव रिपोर्ट और वैक्सीन की दोनों डोज अनिवार्य कर दी गई हैं। कोविड की नेगटिव रिपोर्ट न होने की स्थिति में श्रद्धालु को डल झील की ओर जाने की अनुमति नहीं होगी। व्यवस्था को बनाए रखने के लिए जगह-जगह चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं। आरटीपीसीआर नेगटिव रिपोर्ट और वैक्सीन की दोनों डोज लगवाए बिना आता है तो उसे लौटा दिया जाएगा। मणिमहेश ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि छड़ियों और शिव चेलों के अलावा किसी को भी मणिमहेश जाने की अनुमति नहीं होगी।

फेसबुक पर हमसे जुड़ने के लिए यहांक्लिक  करें। साथ ही और भी Hindi News (हिंदी समाचार) के अपडेट पाने के लिए हमेंगूगल न्यूज पर फॉलो करें।