मणिमहेश यात्राः पवित्र छड़ी के साथ सिर्फ 25 श्रद्धालुओं को जाने की अनुमति

भरमौर। 30 अगस्त को पवित्र मणिमहेश यात्रा शुरू होने जा रही है। 30 अगस्त को शाही स्नान के साथ ही मणिमहेश यात्रा का आगाज हो जाएगा। इसी बीच प्रशासन ने मणिमहेश यात्रा पर आंशिक पांबदियां लगा दी है। यात्रा में परंपराओं को निर्वाहन करने वाली छड़ियों में सीमित श्रद्धालु ही शामिल हो सकेंगे। मणिमहेश ट्रस्ट ने प्रत्येक छड़ी में सिर्फ 25 श्रद्धालुओं को जाने की अनुमति देने का फैसला लिया है। कोरोना महामारी के कारण प्रशासन ने यात्रा को सीमित करने का निर्णय लिया है।
पड़ोसी राज्य जम्मू-कश्मीर से भी छड़ियां आती हैं। इनमें शामिल हर श्रद्धालु के लिए आरटीपीसीआर की नेगटिव रिपोर्ट और वैक्सीन की दोनों डोज अनिवार्य की हैं। कोविड की नेगटिव रिपोर्ट न होने की स्थिति में श्रद्धालु को डल झील की ओर जाने की अनुमति नहीं होगी। व्यवस्था को बनाए रखने के लिए जगह-जगह चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं। अगर कोई आरटीपीसीआर की नेगटिव रिपोर्ट और वैक्सीन की दोनों डोज लगवाए बिना आता है तो उसे रास्ते से लौटा दिया जाएगा।
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मणिमहेश ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि छड़ियों और शिव चेलों के अलावा किसी को भी मणिमहेश जाने की अनुमति नहीं होगी। अगर कोई यात्री भरमौर तक पहुंच भी जाता है, तो उसे लौटा दिया जाएगा। एडीएम भरमौर डॉ. संजय कुमार धीमान ने बताया कि प्रत्येक छड़ी के साथ 25 लोगों को ही डल की ओर जाने की अनुमति होगी। इसके अलावा डल की ओर छड़ी के साथ जाने वाले यात्रियों को 72 घंटे पहले की आरटीपीसीआर की रिपोर्ट पेश करनी होगी।
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