Himachal Vidhansabha का बजट सत्र आज से, विपक्ष के तेवर गर्म
शिमला। कर्ज में डूबी हुई जयराम सरकार को बजट सत्र में विपक्ष महंगाई सहित कई मुद्दों पर घेरेगा। हिमाचल का बजट सत्र शुक्रवार से शुरू होगा। सरकार को घेरने के लिए गुरुवार शाम को कांग्रेस विधायक दल की बैठक होगी। इसमें तय होगा कांग्रेस का कौन नेता सरकार के किस मंत्री और विधायक को किन किन मुद्दों पर घेरेगा। विपक्ष के हमलों का जवाब देने के लिए भाजपा शुक्रवार को विधायक दल की बैठक कर रणनीति बनाएगी।
सचिवालय को 900 सवाल भेजे
बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी। प्रश्नकाल के लिए विधायकों ने अभी तक विधानसभा सचिवालय को 900 सवाल भेजे हैं। पानी, सड़क, बिजली सहित कई मुद्दे इन सवालों में हैं। कांग्रेस विधायक दल अपनी बैठक होटल हॉलीडे होम में शाम साढ़े सात बजे करेगा। बीजेपी अपनी बैठक शुक्रवार को करेगी। गुरुवार कोको ही विधानसभा परिसर में सर्वदलीय बैठक होगी।
पेट्रोल-डीजल की कीमत को लेकर हो सकता है हंगामा
बजट सत्र में सरकार के खिलाफ विपक्ष भ्रष्ट्राचार के आरोप लगाकर मुद्दे उठा सकता है। माना जा रहा है कि कोरोना काल में स्वास्थ्य विभाग में हुए कथित घोटालों पर सरकार और विपक्ष में तीखी नोकझोंक हो सकती है। इसके अलावा पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमतों पर विपक्ष आवाज उठा सकता है। बेरोजगारी का मुद्दा भी कुछ विधायक उठाएंगे। अवैध खनन के मुद्दे भी गरमाएंगे। राज्य में कानून व्यवस्था। शनिवार और रविवार को अवकाश रहेगा। सोमवार को आठ शोकोद्गार प्रस्ताव रखे जाएंगे।
‘बजट सत्र में जनहित के मुद्दे उठाए जाएंगे’
नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि बजट सत्र में जनहित के मुद्दे उठाए जाएंगे। ये मुद्दे खुद विधायक तय करेंगे। उधर, उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर ने कहा कि विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने को सरकार पूरी तरह से तैयार है।
छह मार्च को बजट पेश करेंगे जयराम ठाकुर
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर विधानसभा में छह मार्च को वित्त वर्ष 2021-22 का बजट पेश करेंगे। विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार ने वीरवार को कहा कि इस दौरान कोविड-19 प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रखा जाएगा। परमार ने कहा कि बजट सत्र 26 फरवरी को राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय के संबोधन के साथ शुरू होगा। उन्होंने बताया कि बजट सत्र 20 मार्च को संपन्न होगा। ठाकुर के पास वित्त विभाग का भी प्रभार है। वह छह मार्च को बजट पेश करेंगे। परमार ने कहा कि बजट सत्र के दौरान कुल 17 बैठकें होंगी। कोविड-19 की वजह से किसी को विधानसभा की कार्यवाही को देखने के लिए आने की अनुमति नहीं मिलेगी। परमार ने कहा कि बजट सत्र की कार्यवाही के संचालन के लिए विधानसभा अधिकारियों और कर्मचारियों की संख्या को भी 1,200 से घटाकर 800 किया गया है।
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