हिमाचल E-PARIVAHAN VYAVSTHA शुरू करने वाला देश का पहला राज्य

शिमला। हिमाचल (Himachal) के लोगों को अब ड्राइविंग लाइसेंस, पंजीकरण प्रमाण-पत्र एवं परमिट आदि परिवहन सुविधाएं (e-Parivahan Vyavstha) ऑनलाइन मिलेंगी। हिमाचल ई-परिवहन (e-Parivahan Vyavstha) सेवाएं देने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने वीरवार को राज्य परिवहन विभाग की ई-परिवहन व्यवस्था (e-Parivahan Vyavstha) का शुभारंभ किया। कांगड़ा और शिमला के
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हिमाचल E-PARIVAHAN VYAVSTHA शुरू करने वाला देश का पहला राज्य

शिमला। हिमाचल (Himachal) के लोगों को अब ड्राइविंग लाइसेंस, पंजीकरण प्रमाण-पत्र एवं परमिट आदि परिवहन सुविधाएं (e-Parivahan Vyavstha) ऑनलाइन मिलेंगी। हिमाचल ई-परिवहन (e-Parivahan Vyavstha) सेवाएं देने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने वीरवार को राज्य परिवहन विभाग की ई-परिवहन व्यवस्था (e-Parivahan Vyavstha) का शुभारंभ किया।

कांगड़ा और शिमला के बाद अन्य 10 जिलों में भी लोग इन सुविधाओं का ऑनलाइन लाभ ले सकेंगे। अब वाहन मालिकों को एसडीएम या आरएम कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अब तक ई-विधानसभा, ई-बजट और अब ई-कैबिनेट की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि व्यापार में सुगमता में प्रदेश 16वें स्थान से सातवें स्थान पर पहुंच गया है।

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दूरभाष से लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1100 शुरू की है। सरकार ने कोविड महामारी के दौरान प्रदेश के बाहरी राज्यों में फंसे लगभग ढाई लाख लोगों की सुरक्षित प्रदेश में वापसी करवाई। ऑनलाइन परिवहन सेवाओं में अगर दिक्कतें आ रही हों तो लोग 0177-2654185 नंबर पर संपर्क कर सकेंगे।

पिछले साल जुलाई में दो जिलों में शुरू हुआ था पायलट प्रॉजेक्ट

हजारों ट्रांसपोर्टरों और लोगों को लाभ देने के लिए जयराम सरकार ने हिमाचल में जुुलाई 2020 में कांगड़ा और शिमला जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर ई परिहवन सेवा को शुरू किया था। उस दौरान परिवहन विभाग के निदेशक रहे जेएम पठानिया ने तत्कालीन परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर के साथ मिलकर अहम रोल निभाया था। अब 8 माह बाद ई परिवहन सेवा को पूरे प्रदेश में लागू कर दिया गया। वाहन मालिकों को अब सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। प्रदेश में लगभग 18 लाख वाहन पंजीकृत हैं।

डिजिटल इंडिया की दिशा में ठोस कदम

शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने की दिशा में एक ठोस कदम है। परिवहन एवं उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने कहा कि शिमला और कांगड़ा जिले में दो पायलट परियोजनाएं शुरू की गई थीं, जिनमें खामियां सुधारने के बाद पूरे प्रदेश में इस प्रणाली को क्रियान्वित किया गया है। प्रधान सचिव, परिवहन केके पंत ने बताया कि प्रदेश में लगभग 18 लाख वाहन पंजीकृत हैं। 

लर्नर व ड्राइविंग लाइसेंस, पंजीकरण संबंधित सेवाएं शर्त
  1. सबसे पहले ई-परिवहन व्यवस्था पर जाएं और आवश्यक सेवा का चयन करें
  2. स्कैन की गई तस्वीर और हस्ताक्षर 20 केबी से कम आकार के होने चाहिए
  3. स्कैन निवास प्रमाण पत्र व अन्य दस्तावेज 199 केबी से कम आकार के मान्य होंगे
  4. स्कैन किए गए संबंधित प्रपत्र वाहन मालिक हस्ताक्षर के साथ 199 केबी आकार के स्वीकार होंगे
  5. ऑनलाइन फार्म भरने, आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने के बाद जमा होगी फीस

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