जयराम ठाकुर बोले-हालात सामान्य हुए तो सभी को मिलेगा सस्ता राशन

शिमला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि प्रदेश सरकार समाज के सभी वर्गों विशेषकर कमजोर वर्गों के उत्थान के प्रति वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि ऐसे वर्गों के आर्थिक उत्थान तथा उनके कल्याण के लिए राज्य सरकार द्वारा अनेक योजनाएं आरम्भ की जा रही हैं। उन्होंने कहा है कि अगर एक साल बाद हालात सामान्य होते हैं तो राशन पर सभी को दोबारा सब्सिडी देने पर विचार किया जा सकता है। मुख्यमंत्री का यह बयान पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने इस फैसले पर आपत्ति जताई थी। अब उपभोक्ता डिपुओं में उड़द साबुत, चना, मलका व मूंग साबुत में से प्रति माह कोई तीन दालें खरीद सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आने वाले पात्र परिवार की अब संशोधित सालाना आय सीमा 35 से 45 हजार की जाएगी। इससे प्रदेश के लगभग 1.50 लाख अतिरिक्त परिवारों को सस्ते राशन का लाभ होगा। प्रदेश में छह लाख 78 हजार 338 परिवार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आते हैं जिनकी कुल संख्या 27 लाख 84 हजार 717 है। जबकि प्रदेश के लिए लक्ष्य 36 लाख 81 हजार 586 रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परिवारों को आटा 3.30 रुपये और चावल 2 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से मिलेगा।
एपीएल परिवारों को अब 20 रुपये प्रति किलोग्राम दाल
मंत्रिमंडल ने ‘पोस्ट कोविड-19’ आर्थिक पुनर्उत्थान के लिए गठित मंत्रिमंडलीय सब कमेटी की सिफारिशों को मानते हुए प्रदेश के लगभग 1,50,000 आयकर दाताओं को लक्षित सार्वजनिक वितरण योजना के तहत सब्सिडी का लाभ पाने से एक साल के लिए बाहर रखने का निर्णय लिया है। इस निर्णय का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों को अधिक से अधिक लाभान्वित किया जाना है। उन्होंने कहा कि जैसे ही आर्थिक गतिविधियां पटरी पर आ जाएंगी, सरकार एक वर्ष के उपरान्त इस निर्णय पर पुनः विचार कर सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि एपीएल परिवारों को अभी तक दालों पर 30 रुपये प्रति किलोग्राम तक का उपदान दिया जाता था, जिसे अब घटाकर 20 रुपये प्रति किलोग्राम किया गया है।
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