Urban Local Bodies आय सृजन के भरसक प्रयास करें

शिमला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि स्थानीय शहरी निकायों (Urban Local Bodies) को आय सृजन के लिए अपने साधन सृजित करने के लिए कड़े प्रयास करने चाहिए। इससे Urban Local Bodies अपने क्षेत्र में विकास कार्यों को गति प्रदान कर सकें। मुख्यमंत्री शनिवार को शिमला में शहरी विकास विभाग (Urban Development Department) की समीक्षा
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Urban Local Bodies आय सृजन के भरसक प्रयास करें

शिमला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि स्थानीय शहरी निकायों (Urban Local Bodies) को आय सृजन के लिए अपने साधन सृजित करने के लिए कड़े प्रयास करने चाहिए। इससे Urban Local Bodies अपने क्षेत्र में विकास कार्यों को गति प्रदान कर सकें। मुख्यमंत्री शनिवार को शिमला में शहरी विकास विभाग (Urban Development Department) की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्मार्ट सिटी मिशन कार्यान्वित किया जा रहा है, जिसके तहत शिमला और धर्मशाला में स्मार्ट सिटी परियोजनाएं निष्पादित की जा रही हैं। यह दोनों शहर पर्यटन की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण हैं।

धर्मशाला स्मार्ट सिटी का परियोजना प्रस्ताव 2109.69 करोड़ रुपये है, जबकि शिमला स्मार्ट सिटी का परियोजना प्रस्ताव 2905.97 करोड़ रुपये है। सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि नगर निगम शिमला और नगर परिषद कुल्लू में अम्रुत मिशन कार्यान्वित किया जा रहा है। कुल आवंटित 304.52 करोड़ रुपये में से इस परियोजना के तहत 166.38 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इस धनराशि में से 119.58 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। यह परियोजना पेयजल आपूर्ति संवर्धन, जल उपचार संयंत्र मल निकासी उपचार संयंत्र, नालियों, फुट ब्रिज और फुट ओवर ब्रिज के निर्माण, पार्किंग स्थल, पार्क और हरित स्थल विकसित करने पर लक्षित है।


नगर परिषदों में अधिकतम पार्किंग स्थलों को विकसित करने की जरूरत 

मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर परिषदों में अधिकतम पार्किंग स्थलों को विकसित एवं स्तरोन्नत करने के प्रयास करने की जरूरत है, जिससे सुचारू यातायात व्यवस्था बनी रहे और गलियों से भीड़े को कम किया जा सके। इसके अलावा, बच्चों के लिए पार्क, जगिंग ट्रैक और पैदल पथ के निर्माण पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।


विकासात्मक परियोजनाओं का कार्य तय समय सीमा में पूरा किया जाए

सीएम जयराम ठाकुर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकासात्मक परियोजनाओं का कार्य तय समय सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने विशेषकर धर्मशाला और शिमला स्मार्ट सिटी में विकास परियोजनाओं का कार्य निर्धारित समय में पूरा करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने हाल ही में मुख्यमंत्री शहरी आजीविका गारंटी योजना शुरू की है। इससे शहरी क्षेत्रों में हर घर को 120 दिन का निश्चित अप्रशिक्षित रोजगार प्रदान किया जा सके।


ठोस कचरा प्रबंधन के लिए 34.08 करोड़ रुपये जारी

उन्होंने एक प्रभावी कर एकत्रीकरण तंत्र विकसित करने पर भी बल दिया, जिससे नगर परिषदों को न केवल राजस्व प्राप्त होगा, बल्कि लोगों को बेहतर नागरिक सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के स्थानीय शहरी निकायों में स्वच्छ भारत मिशन भी कार्यान्वित किया जा रहा है। इससे ठोस कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन हो सकेगा और लोगों को स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य के बारे में जागरूक किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस मिशन की कुल लागत 49.01 करोड़ रुपये है, जिसमें अभी तक 34.08 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।


मंत्रियों ने बैठक में सुझाव दिए 

समीक्षा बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज और शहरी विकास एवं नगर नियोजन मंत्री सरवीन चौधरी ने अपने बहुमूल्य सुझाव दिए। शहरी विकास विभाग के सचिव रजनीश ने विभाग की गतिविधियों के बारे में प्रस्तुतीकरण दिया। शिमला नगर निगम के आयुक्त पंकज राय और धर्मशाला नगर निगम के आयुक्त विकास लाबरू ने शिमला और धर्मशाला स्मार्ट सिटी परियोजनाओं पर प्रस्तुतीकरण दिया। मुख्य सचिव अनिल खाची, प्रधान सचिव प्रबोध सक्सेना, सचिव ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संदीप भटनागर, निदेशक शहरी विकास राम कुमार गौतम और अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

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