विधानसभा में लोन सीमा बढ़ाने का बिल पास, विपक्ष ने किया वाकआउट

RNN DESK। हिमाचल विधानसभा में वीरवार को ऋण सीमा बढ़ाने (increase loan limit) का विधेयक (Bill) पास हो गया। अब हिमाचल पांच फीसदी तक ऋण ले सकता है। इससे पहले यह सीमा तीन फीसदी तक थी। ऋण सीमा बढ़ाने को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में गहमागहमी हो गई। दोनों पक्ष में तीखी नोकझोंक के
 | 
विधानसभा में लोन सीमा बढ़ाने का बिल पास, विपक्ष ने किया वाकआउट

RNN DESK। हिमाचल विधानसभा में वीरवार को ऋण सीमा बढ़ाने (increase loan limit) का विधेयक (Bill) पास हो गया। अब हिमाचल पांच फीसदी तक ऋण ले सकता है। इससे पहले यह सीमा तीन फीसदी तक थी। ऋण सीमा बढ़ाने को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में गहमागहमी हो गई।

दोनों पक्ष में तीखी नोकझोंक के बीच विपक्ष ने सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की गैरमौजूदगी में शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने ऋण सीमा (increase loan limit) को 3 से बढ़ाकर (increase) 5 फीसदी तक करने का विधेयक पेश किया।

इससे पूर्व विपक्ष ने कहा कर्ज लेने की सीमा बढ़ाकर जनता पर बोझ बढ़ाने का काम है। सरकार पर कर्ज लेकर घी पीने का आरोप लगाया। सुरेश भारद्वाज ने कहा यह विधेयक केवल एक साल के लिए है। मुकेश अग्निहोत्री ने इसे काला दिवस कहा। विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए सदन से वाकआउट किया। माकपा विधायक राकेश सिंघा भी सदन में अपनी बात रखकर वाकआउट कर गए। कर्ज लेने की लिमिट बढ़ाने का विधेयक विपक्ष की गैरमौजूदगी में विधानसभा में पास हो गया।

वर्तमान में प्रदेश सरकार पर 60 हजार करोड़ रुपये से ज्‍यादा का ऋण है। बजट का काफी हिस्‍सा लोन की किश्‍तें व ब्‍याज चुकाने में ही खर्च हो रहा है। इसका असर प्रदेश के विकास पर भी पड़ रहा है।

 

कर्ज से ज्यादा खर्च हो जाए तो सदन में करना होता है पारित

विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार हिमाचल को कर्ज में झोंक रही है। यह हिमाचल की जनता से न्याय नहीं है। कर्ज लेकर व्यवस्था चलाई जाएगी, लोगों पर कर का बोझ डाला जाएगा। विपक्ष के इन सदस्यों ने इसे काले कानून की संज्ञा दी। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने वाकआउट कर लिया। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि अगर कर्ज से ज्यादा खर्च हो जाता है तो विधानसभा से उसे पारित करना होता है।

 

केंद्र सरकार से एक मुश्त कर्ज को माफ करने की मांग उठाए

वाकआउट के बाद नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि कर्ज की लिमिट डबल करने का कानून बर्दाश्त नहीं। हिमाचल विधानसभा के लिए आज काला दिन है। सरकार से मांग करते हुए उन्होंने कहा कि इस कानून को संख्या बल के आधार पर पास ना किया जाए। कानून को वापस लेकर सेलेक्ट कमेटी को भेजा जाए। हिमाचल सरकार का सारा मंत्रिमंडल नई दिल्ली जाकर केंद्र सरकार से एक मुश्त हिमाचल के कर्ज को माफ करने की मांग उठाए।

फेसबुक पर हमसे जुड़ने के लिए यहांक्लिक  करें। साथ ही और भी Hindi News (हिंदी समाचार) के अपडेट पाने के लिए हमेंगूगल न्यूज पर फॉलो करें।