आखिर इन मौतों के लिए जिम्मेदार कौन ?

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर देशभर में चल रही है। मगर फिर भी लोग लापरवाह बने हुए हैं। कोरोना संक्रमितों के मामले में यकायक वृद्धि हो रही है। देश में कोरोना संक्रमण के मालमों ने विश्वभर में नया रिकॉर्ड बना लिया है। इस बात की वकालत मैं नहीं सरकारी आंकड़े ही कर रहे हैं। रोजाना
आखिर इन मौतों के लिए जिम्मेदार कौन ?

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर देशभर में चल रही है। मगर फिर भी लोग लापरवाह बने हुए हैं। कोरोना संक्रमितों के मामले में यकायक वृद्धि हो रही है। देश में कोरोना संक्रमण के मालमों ने विश्वभर में नया रिकॉर्ड बना लिया है। इस बात की वकालत मैं नहीं सरकारी आंकड़े ही कर रहे हैं। रोजाना औसतन 2300 लोगों की मौत हो रही है। कई मौतों का आंकड़ा तो सरकार के पास भी सही से नहीं पहुंच पा रहा है।

 

देश के कई अस्पताल ऑक्सीजन, वेंटिलेटर और बिस्तरों की कमी के संकट से जूझ रहे हैं। कई अस्पताल कोरोना संक्रमितों से भर गए हैं। नए संक्रमितों के आने पर उन्हें न तो ऑक्सीजन मिल पा रही है और न ही बिस्तर। कई मरीज सड़कों पर ही दम तोड़ दे रहे हैं। स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। यह दर्दनाक, भयवाह और दिल को कंपा देनी वाली स्थिति है, कि लोगों को अपनों के कफन भी नसीब नहीं हो पा रहे हैं।

 

अब सवाल यह है कि इस सब के लिए जिम्मेदार कौन है? लोगों का व्यवहार इसमें बहुत ही हैरान करने वाला है। राज्य और स्थानीय सरकारों की इस महामारी में अलग भूमिका है। लोगों की जिम्मेदारी भी है। कुछ लोग एसओपी का पालन कर रहे हैं, जबकि कुछ को इससे कोई लेना देना ही नहीं है।

 

गृह मंत्रालय द्वारा सितंबर 2020 के अंत में लॉकडाउन हटा लिया गया। लोगों ने सोचा कि अब कोरोना संक्रमण खत्म हो गया। यह खत्म नहीं हुआ था। इसकी पहली लहर भी भयावह थी, लेकिन लोगों इसको लेकर काफी सजग थे। इसके बाद लोग भीड़ में एकत्रित होते गए और एसओपी को नजरअंदाज करते गए। हजारों की संख्या में लोग एक जगह हुजूम की तरह उमड़ते गए। यह कैसे हुआ? इन्हें किसने भीड़ में एकत्रित होने की आज्ञा दी और क्यों ? अगर लोगों को अनुमति नहीं दी जाती तो स्थिति इस तरह की चिंताजनक नहीं होती, जिस तरह की है।

 

भगवान न करे इस तरह की स्थिति हिमाचल में न हो। यहां के अस्पतालों की स्थिति भी चिंताजनक है। आम लोगों को उपचार के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है। सोशल मीडिया पर भी हिमाचल की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े करते वीडियो वायरल हो रहे हैं। कोई नेता और अधिकारी बीमार पड़ता है तो वह उपचार के लिए हिमाचल से बाहर का रुख करता है, लेकिन गरीब और आम लोग कहां जाएं? उन्हें तो यहीं पर उपचार करवाना पड़ता है। अगर सही उपचार न मिल पाए तो जान से भी हाथ धोना पड़ता है।

 

 

हिमाचल में भी रोजाना 1500 से ज्यादा लोग कोरोना संक्रमित हो रहे हैं। रोजाना 20 से 30 कोरोना संक्रमितों की मौत हो रही है। हालांकि हिमाचल सरकार ने चार जिलों में रात्रि कर्फ्यू लगा दिया है। कोविड चेक पोस्ट सक्रिय कर दिए हैं, लेकिन स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। मगर हम अपने आप को कोरोना की दूसरी लहर से बचा सकते हैं। इसलिए आओ सभी शपथ लें कि अंदर रहें और सुरक्षित रहें। अति जरूरी काम न पड़ने तक घरों से बाहर न निकलें। आइए अपने आप और अपनों से प्यार कर सकें, इसके लिए कोरोना एसओपी का पालन करें।

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