ऑस्ट्रेलिया से मिली 600-700 साल पुरानी हनुमान जी की मूर्ति

देश से चोरी हुई प्राचीन मूर्तियों का जिक्र करते हुए पीम मोदी ने कहा कि साल 2013 तक करीब-करीब 13 प्रतिमाएं भारत आई थीं। लेकिन, पिछले सात साल में 200 से ज्यादा बहुमूल्य प्रतिमाओं को भारत सफलता के साथ वापस ला चुका है।
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PM Modi Mann Ki Baat LIVE Today : देश से चोरी हुई प्राचीन मूर्तियों का जिक्र करते हुए पीम मोदी ने कहा कि साल 2013 तक करीब-करीब 13 प्रतिमाएं भारत आयी थीं। लेकिन, पिछले सात साल में 200 से ज्यादा बहुमूल्य प्रतिमाओं को, भारत, सफलता के साथ वापस ला चुका है।

वेब टीम। पीएम मोदी ने रविवार को मन की बात में देश की प्राचीन मूर्तियों का जिक्र किया। पीएम ने देश से चोरी की हुई मूर्तियों की बात करते हुए कहा कि कुछ वर्ष पहले तमिलनाडु के वेल्लूर से भगवान आंजनेय्यर, हनुमान जी की प्रतिमा चोरी हो गई थी । हनुमान जी की ये मूर्ति भी 600-700 साल पुरानी थी। इस महीने की शुरुआत में, ऑस्ट्रेलिया में हमें ये प्राप्त हुई, हमारे मिशन को मिल चुकी है।

मोदी ने कहा कि इस महीने की शुरुआत में भारत, इटली से अपनी एक बहुमूल्य धरोहर को लाने में सफल हुआ है। ये धरोहर है, अवलोकितेश्वर पद्मपाणि की हजार साल से भी ज्यादा पुरानी प्रतिमा। ये मूर्ति कुछ वर्ष पहले बिहार में गया जी के देवी स्थान कुंडलपुर मंदिर से चोरी हो गई थी। लेकिन अनेक प्रयासों के बाद अब भारत को ये प्रतिमा वापस मिल गई है।


चोरी की मूर्तियों को वापस लाना हमारा दायित्व
इन मूर्तियों को वापस लाना, भारत मां के प्रति हमारा दायित्व है। इन मूर्तियों में भारत की आत्मा का, आस्था का अंश है। इनका एक सांस्कृतिक-ऐतिहासिक महत्व भी है। इस दायित्व को समझते हुए भारत ने अपने प्रयास बढ़ाए। और इसका कारण ये भी हुआ कि चोरी करने की जो प्रवृति थी, उसमें भी एक भय पैदा हुआ।

7 साल में 200 से ज्यादा प्रतिमाओं को लाए वापस
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि साल 2013 तक करीब-करीब 13 प्रतिमाएं भारत आई थीं। लेकिन, पिछले सात साल में 200 से ज्यादा बहुमूल्य प्रतिमाओं को भारत सफलता के साथ वापस ला चुका है। अमेरिका, ब्रिटेन, हॉलैंड, फ्रांस, कनाडा, जर्मनी, सिंगापुर, ऐसे कितने ही देशों ने भारत की इस भावना को समझा है और मूर्तियां वापस लाने में हमारी मदद की है। 

हिन्दुस्तानी को संतोष मिलना बहुत स्वाभाविक
उन्होंने कहा, मैं पिछले साल सितम्बर में जब अमेरिका गया था, तो वहां मुझे काफी पुरानी-पुरानी कई सारी प्रतिमाएँ और सांस्कृतिक महत्व की अनेक चीजें प्राप्त हुई। देश की जब कोई बहुमूल्य धरोहर वापस मिलती है, तो स्वाभाविक है इतिहास में श्रद्धा रखने वाले, archaeology में श्रद्धा रखने वाले, आस्था और संस्कृति के साथ जुड़े हुए लोग, और एक हिन्दुस्तानी के नाते, हम सबको, संतोष मिलना बहुत स्वाभाविक है।

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