गुजरात के मेहसाना जिले में फंसे हिमाचल के 200 युवा

पालमपुर। कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लगाए लॉकडाउन के चलते गुजरात के जिला मेहसाना के हंसलपुर क्षेत्र में हिमाचली के करीब 200 युवा फंस गए हैं। उन्हें अब खाने-पीने के सामान की भी कमी हो गई है। अब हिमाचल के अलग-अलग जिलों के युवाओं ने प्रदेश सरकार से उन्हें घर तक लाने
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गुजरात के मेहसाना जिले में फंसे हिमाचल के 200 युवा

पालमपुर। कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लगाए लॉकडाउन के चलते गुजरात के जिला मेहसाना के हंसलपुर क्षेत्र में हिमाचली के करीब 200 युवा फंस गए हैं। उन्हें अब खाने-पीने के सामान की भी कमी हो गई है। अब हिमाचल के अलग-अलग जिलों के युवाओं ने प्रदेश सरकार से उन्हें घर तक लाने की सोशल मीडिया पर गुहार लगाई है।

सोशल मीडिया पर युवाओं ने एक वीडियो पोस्ट करते हुए कहा है कि वे प्राइवेट लिमिटेड कंपनी सुजूकी में काम करते हैं। लाॅकडाउन के कारण खाने-पीने की सामान की समस्या हो रही है। इसके अलावा भी कई दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने एक ऑडियो क्लिप जारी करते हुए कहा कि जैसे प्रदेश सरकार ने राजस्थान व कोटा में लॉकडाउन की वजह से फंसे बच्चों को घर पहुंचाया गया, वैसे ही उन्हें भी अपने घर पहुंचाने का बंदोबस्त किया जाए। वायरल वीडियो में युवाओं के अनुसार यहां कांगड़ा, मंडी, ऊना, हमीरपुर, शिमला व चंबा जिला की विभिन्न तहसीलों के लगभग 100 से 150 तक की तादाद में युवा हैं, जो कि गुजरात में काम करते हैं।

REALITY NEWS से फोन पर बात करते हुए पालमपुर के एक युवक ने कहा कि गुजरात में कोरोना वायरस के कारण हालात खराब हो रहे हैं। न तो हम बाहर से सामान खरीद सकते हैं, न ही कमरे में बचे सामान से लंबे वक्त तक गुजार हो सकता है। यहां हिमाचल के करीब 150 से 200 युवा फंसे हैं। उन्होंने कहा कि हमने घर जाने के संबंध में मेहसाना जिला प्रशासन से भी संपर्क किया है, लेकिन अभी तक वहां से कोई पाॅजिटिव रिस्पांस नहीं मिला है। ऐसे में प्रदेश सरकार से आग्रह है कि वह हमें यहाँ से निकालने का बंदोबस्त करे, ताकि हम अपने घरों में पहुंच सकें।

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