हिमाचल : हाटी को जनजातीय दर्जा देने के विरोध में भड़का गुर्जर समुदाय

गुर्जर समुदाय की  कालाअंब में हुई महासभा में रणनीति तैयार करके पूरे क्षेत्र में निकाली रोष रैली
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हाटी  को जनजातीय दर्जा देने के विरोध में भड़का गुर्जर समुदाय

कालाअंब (सिरमौर) ।  सिरमौर जिला के  ट्रांस गिरि इलाके के हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा देने, आरक्षण कोटा न बढ़ाने और अधिकारों से छेड़छाड़ के विरोध में गुर्जर समुदाय ने मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में इस समुदाय के हजारों लोगों ने अपनी अधिकारों के संरक्षण को लेकर आवाज बुलंद की। इस दौरान कालाअंब में हुई महासभा में समुदाय के लोगों ने रणनीति तैयार की और पूरे क्षेत्र में  रोष रैली भी निकाली, जो मैनथापल से शुरू होकर ओगली, कालाअंब, रामपुर जट्टान होते हुए जोहड़ों में समाप्त हुई। 

महासभा की अध्यक्षता सिरमौर गुर्जर समाज कल्याण परिषद के अध्यक्ष हंसराज भाटिया ने की। महासभा में मुस्लिम व हिंदू गर्जर संगठनों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। इस दौरान सिरमौर के अलावा प्रदेश के बिलासपुर व ऊना जिले से आए गुर्जर समुदाय के लोग भी शामिल हुए। महासभा में अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के उपाध्यक्ष पृथ्वीराज, हिमाचल प्रदेश गुर्जर समाज के अध्यक्ष हेमराज राव व अधिवक्ता सर्वोच्च न्यायालय दिल्ली रमजान खान विशेष अतिथि रहे।
महासभा में गुर्जर नेता हेमराज राव, हंसराज भाटिया, ऋतु, किनशुक गुर्जर सहित अन्यों ने कहा कि केंद्र सरकार ने हाटी को जनजातीय दर्जा देकर गुर्जर समाज के अधिकारों का हनन किया है। प्रदेश सरकार भली भांति जानती है कि गुर्जर एक जाति समुदाय है। जिसे एसटी का दर्जा प्राप्त है और 7.5 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिल रहा है। इस आरक्षण में गिरिपार की अन्य जातियों को भी शामिल कर दिया गया है। जबकि हाटी कोई विशेष जाति नहीं है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने गुर्जरों के अधिकारों व एसटी आरक्षण कोटे से छेड़छाड़ की है। गुर्जर समुदाय के नेताओं ने सरकार से मांग की कि इस मुद्दे पर पुनर्विचार किया जाए। गुर्जर समाज अपने अधिकारों के लिए जिला व प्रदेश स्तर पर संघर्ष करेगा।

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