शिमला में निजी बैंक के मैनेजर ने 68 खाताधारकों के 3.80 करोड़ ऑनलाइन गेम्स में लुटाए

हिमाचल प्रदेश की राजधानी में स्थित एक निजी बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर ने ऑनलाइन गेम के चक्कर में 68 खाता धारकों के 3.80 करोड़ रुपये डूबा दिए। यह मामला कसुम्पटी शाखा का है, जहां मैनेजर ने खाताधारकों से म्यूचुअल फंड में निवेश करने के नाम पर पैसे लिए थे।
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हिमाचल प्रदेश की राजधानी में स्थित एक निजी बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर ने ऑनलाइन गेम के चक्कर में 68 खाता धारकों के 3.80 करोड़ रुपये डूबा दिए। यह मामला कसुम्पटी शाखा का है, जहां मैनेजर ने खाताधारकों से म्यूचुअल फंड में निवेश करने के नाम पर पैसे लिए थे।    यह मामला तब प्रकाश में आया जब खाताधारकों को वादा किया गया तीन गुना रिटर्न नहीं मिला। खाताधारकों ने जब मैनेजर से संपर्क किया, तो वह रिटर्न के आने की बात करता रहा। इस पर संदेह होने पर खाताधारकों ने बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की। मामले की जांच के बाद करोड़ों की ठगी का खुलासा हुआ।    Private bank manager fraud Himachal Pradesh bank scam Online game fraud Mutual fund scam Relationship manager fraud Kasumpti bank fraud Investment fraud Fake bonds scam Bank account holders defrauded Arvind fraud case Banking scam investigation Police investigation bank fraud Bank manager arrested Customer investment scam Financial fraud in private bank   निजी बैंक मैनेजर, हिमाचल प्रदेश, बैंक फ्रॉड, ऑनलाइन गेम स्कैम, म्यूचुअल फंड फ्रॉड, रिलेशनशिप मैनेजर फ्रॉड, कसुम्पटी बैंक स्कैम, निवेश धोखाधड़ी, फर्जी बांड, बैंक अकाउंट होल्डर्स फ्रॉड, अरविंद फ्रॉड केस, बैंकिंग स्कैम, पुलिस जांच बैंक फ्रॉड, खाताधारकों से धोखाधड़ी, बैंक मैनेजर गिरफ्तारी

हिमाचल प्रदेश की राजधानी में स्थित एक निजी बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर ने ऑनलाइन गेम के चक्कर में 68 खाता धारकों के 3.80 करोड़ रुपये डूबा दिए। यह मामला कसुम्पटी शाखा का है, जहां मैनेजर ने खाताधारकों से म्यूचुअल फंड में निवेश करने के नाम पर पैसे लिए थे।

यह मामला तब प्रकाश में आया जब खाताधारकों को वादा किया गया तीन गुना रिटर्न नहीं मिला। खाताधारकों ने जब मैनेजर से संपर्क किया, तो वह रिटर्न के आने की बात करता रहा। इस पर संदेह होने पर खाताधारकों ने बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की। मामले की जांच के बाद करोड़ों की ठगी का खुलासा हुआ।

इस मामले में पहली एफआईआर 12 जनवरी 2023 को दर्ज की गई थी और आरोपी को गुरुवार शाम को गिरफ्तार किया गया। आरोपी अरविंद (32) पुत्र राम सिंह, मकान नंबर-8, ब्लाक नंबर-2, सेक्टर-1, परमाणु का निवासी है। फिलहाल आरोपी पुलिस रिमांड पर है और मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि वे ठगी के हर पहलू की गहनता से जांच कर रहे हैं।

 

मैनेजर ने खाताधारकों को यह प्रलोभन दिया था कि वह उनके पैसे म्यूचुअल फंड में निवेश कर रहा है, जिससे उन्हें तीन गुना रिटर्न मिलेगा। खाताधारकों ने अपने मेहनत की कमाई उसे दे दी, बिना इस बात की भनक लगे कि मैनेजर ऑनलाइन गेम के चक्कर में उनके पैसे बर्बाद कर देगा।

 

बैंक के तत्कालीन मैनेजर सुमित डोगरा ने छोटा शिमला थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने इस मामले में करीब 70 खाताधारकों और बैंक के अधिकारियों के बयान लिए हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले की हर पहलू से बारीकी से जांच की जा रही है।

फर्जी बांड के जरिए विश्वास में लिया

आरोपी अरविंद ने साल 2016 से कसुम्पटी शाखा में रिलेशनशिप मैनेजर के रूप में कार्यरत रहते हुए खाताधारकों का विश्वास जीतने के लिए फर्जी बांड दिए थे। उसने पूछताछ में बताया कि वह कई सालों से ऑनलाइन गेम की एक ऐप में पैसे लगा रहा था। इस दौरान खाताधारकों ने उसे लाखों रुपये दिए, जिन्हें उसने गेम में लगा दिया।

 

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