हवा-हवाई तो नहीं करोड़ों का ड्रोन प्रोजेक्ट? हकीकत खंगालने में जुटी उच्च स्तरीय कमेटी
बड़ू पॉलिटेक्निक में छात्र सर्वेश के कथित ड्रोन प्रोजेक्ट की जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित।
सेना के साथ अनुबंध और करोड़ों की फंडिंग के दावों की सच्चाई खंगालने में जुटी है टीम।
हमीरपुर। राजकीय बहुतकनीकी संस्थान बड़ू में ड्रोन प्रोजेक्ट और करोड़ों की कथित फंडिंग मामले की जांच तेज हो गई है। संयुक्त निदेशक दिनेश शर्मा की अगुआई वाली उच्च स्तरीय कमेटी ने बुधवार को दूसरे दिन भी जांच जारी रखी और सेना के कथित अनुबंध खंगाले।
तीन सदस्यीय कमेटी ने हॉस्टल के छात्रों और प्रोजेक्ट से जुड़े विद्यार्थियों से गहन पूछताछ की। टीम यह पता लगा रही है कि संस्थान में असल में क्या गतिविधियां हुई थीं और बालकनी से गिरकर घायल हुए छात्र सर्वेश के दावों की हकीकत क्या है। जांच के दायरे में केवल कंप्यूटर विज्ञान विभाग के विद्यार्थी और शिक्षक ही नहीं, बल्कि हॉस्टल में रहने वाले अन्य विभागों के छात्र भी शामिल किए गए हैं।
कमेटी जोधपुर की प्रतियोगिता में चौथा स्थान हासिल करने और करोड़ों की फंडिंग के दस्तावेजों की भी सूक्ष्म पड़ताल कर रही है। डिफेंस इनोवेशन ऑर्गेनाइजेशन को भेजी गई साइबर ठगी की शिकायत से जुड़े ईमेल भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि दावों की प्रामाणिकता सिद्ध हो सके।
तकनीकी शिक्षा विभाग ने उच्च स्तरीय कमेटी को शनिवार तक जांच रिपोर्ट सौंपने के सख्त निर्देश दिए हैं। जांच टीम यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सर्वेश किन बाहरी गतिविधियों में शामिल था और उसके कथित प्रोजेक्ट को लेकर संस्थान के भीतर क्या चर्चाएं होती थीं।
इससे पहले मंगलवार को कमेटी ने प्राचार्य, शिक्षकों और सहपाठियों के आधिकारिक बयान भी दर्ज किए थे। बता दें कि 28 अक्तूबर को सर्वेश अपने हॉस्टल की बालकनी से रहस्यमय परिस्थितियों में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया था।
फिलहाल वह चंडीगढ़ स्थित पीजीआई में उपचाराधीन है, जहां उसके जबड़े की सर्जरी होनी बाकी है। इस घटना के बाद से ही प्रोजेक्ट की सत्यता पर बड़े सवाल उठ रहे हैं, जिनका अंतिम जवाब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मिल सकेगा।
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