TGT कला संघ ने उच्च शिक्षा निदेशक को सौंपा माँग-पत्र

संघ ने प्रधानाचार्य पद हेतु प्रवक्ता कोटे में 10 प्रतिशत बढ़ौतरी और हेडमास्टर (Headmaster)  के कोटे में 10 प्रतिशत कटौती को लागू न करने और इस मामले को वापिस सरकार को भेजने की अपील की।
 | 
.

हमीरपुर ।   उच्च शिक्षा निदेशक  अमरजीत शर्मा (Amarjeet Sharma) को राजकीय टीजीटी कला (TGT Arts) संघ ने 30 सूत्रीय मांग-पत्र और एक विशेष ज्ञापन सौंपा। संघ के प्रदेश महासचिव विजय हीर (Vijay Heer) ने निदेशालय में टीजीटी (TGT) कला शिक्षकों की मांगों से अवगत करवाया जिनमें 1948 मिडल स्कूलों में हेडमास्टर्स के पद सृजित करवाना, 20 साल सेवाकाल पर 2 इंक्रीमेंट, भर्ती पदोन्नति नियमों में अनेकों बदलाव और टीजीटी (TGT) शिक्षकों की अन्य मांगों को पूर्ण करने हेतु उच्च शिक्षा विभाग का सहयोग मांगा गया और संघ के सदस्यों को शीघ्र प्रदेश स्तरीय बैठक हेतु समय देने का आग्रह भी किया गया।

संघ ने प्रधानाचार्य पद हेतु प्रवक्ता कोटे में 10 प्रतिशत बढ़ौतरी और हेडमास्टर (Headmaster)  के कोटे में 10 प्रतिशत कटौती को लागू न करने और इस मामले को वापिस सरकार को भेजने की अपील की। हीर (Heer) ने बताया कि 6 हज़ार प्रवक्ता को तोहफा देने के लिए 16318 टीजीटी (TGT), 933 हेडमास्टर्स (Headmaster's), 4325 प्रमोटी प्रवक्ता, टीजीटी (TGT) के पात्र हजारों सी एंड वी और जेबीटी (JBT) शिक्षकों के हितों से खिलवाड़ करना अनुचित कदम होगा जिससे करीब 24 हज़ार शिक्षक प्रत्यक्ष रूप से सरकार से नाराज़ हो जाएंगे।

वर्ष 1992 में 60 प्रतिशत कोटा पाने वाले हेडमास्टर्स (Headmaster's) हेतु अगर कोटा 40 प्रतिशत कर दिया गया तो यह टीजीटी (TGT) वर्ग से बहुत बड़ा अन्याय होगा क्योंकि इस निर्णय के बाद प्रदेश के 95 प्रतिशत टीजीटी (TGT) कभी भी प्रधानाचार्य पद तक प्रमोट नहीं हो सकेंगे। ऐसे में हेडमास्टर (Headmaster) पदोन्नति कोटा बढ़ाने की मांग को पूरा करने की अपेक्षा इसके कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं जिससे एक वर्ग का लाभ होगा और शेष वर्गों का नुकसान होगा।

कैसे बिगड़ेगा शिक्षक प्रमोशन का संतुलन

टीजीटी (TGT) कला संघ महासचिव विजय हीर (Vijay Heer) ने बताया कि वर्तमान में टीजीटी (TGT) कैडर की संख्या 16318 और प्रवक्ता कैडर की संख्या 16589 है। हेडमास्टर (Headmaster) के मात्र 933 पद हैं जिन पर 16318 टीजीटी (TGT) और 4235 प्रमोटी प्रवक्ता प्रमोट होते हैं। इतने कम पद होने के चलते हेडमास्टर(Headmaster)  प्रमोशन में 20 से 28 साल लग जाते हैं। अब अगर ये कोटा घटाया गया तो इंतज़ार 30 से 35 वर्ष तक हो जाएगा और उम्रदराज नियुक्तियों के चलते इतना लंबा सेवाकाल भी नहीं होता जिससे प्रमोशन का संतुलन बिगड़ेगा। 

इस तरह टीजीटी बतौर टीजीटी (TGT) ही रिटायर होगा या प्रवक्ता प्रमोट होगा तो वहाँ सबसे जूनियर रहकर प्रिंसिपल नहीं बनेगा। जेबीटी या सीएंडवी से टीजीटी (TGT) बने शिक्षक भी हेडमास्टर (Headmaster) प्रमोट नहीं हो पाएँगे। प्रधानाचार्य के मात्र 1868 पद हैं और इसके लिए 34 हज़ार शिक्षक अवसर चाहते हैं। स्कूलों में उप-प्रधानाचार्य के 1868 और मिडल स्कूलों में हेडमास्टर्स (Headmaster's) के 1948 पद स्वीकृत किए जाएँ तो कोटे का झगड़ा खत्म हो सकता है।

फेसबुक पर हमसे जुड़ने के लिए यहांक्लिक  करें। साथ ही और भी Hindi News (हिंदी समाचार) के अपडेट पाने के लिए हमेंगूगल न्यूज पर फॉलो करें।