प्याज की गोदामों में जमाखोरी, बाजार में कीमत 50 रुपये से पार

  प्याज व अन्य सब्जियों के दामों में बढ़ोतरी के कारण गृहिणियों का बजट बिगाड़ा  

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हमीरपुर ।   नवरात्र में भी प्याज के दामों में एकाएक उछाल आ रहा है। इससे आम आदमी को और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गृहिणियों के बजट पर भी डाका डल रहा है। प्याज व अन्य सब्जियों के दामों में बढ़ोतरी के कारण गृहिणियों का बजट बिगड़ गया है। प्याज की कीमतों में एक सप्ताह में ही प्रति किलो के हिसाब से 10 रुपये की वृद्धि हुई है। कोरोना के कारण लोगों को ऐसे ही आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

वहीं सब्जियों के दामों में बढ़ोतरी होने से गरीब परिवारों को तडक़ा लगाना मुश्किल हो गया है। लोग नवरात्र में प्याज का सेवन करने से वैसे ही परहेज करते हैं, लेकिन साथ में शादियों का सीजन होने के कारण मांग भी अधिक हो रही है। वहीं पेट्रोल डीजल आदि के दामों में बढ़ोतरी का भी प्रभाव प्याज की कीमतों पर दिख रहा है। टमाटर की कीमत भी 70 से 80 रुपये प्रति किलो है। क्षेत्र के दुकानदारों ने कहा कि एक सप्ताह पूर्व प्याज 35 से 40 रुपये बेचा जा रहा था। अब प्याज की कीमत 50 रुपये प्रति किलो है। पेट्रोल डीजल की कीमतें भी 100 से पार हैं। ऐसे में प्याज लाने में भी काफी खर्च होता है। जिस कारण प्याज की कीमतों में वृद्धि हुई है। उन्होंनेे कहा कि नवरात्रों के कारण प्याज के ग्राहक कम है, लेकिन शादियों के लिए लोग प्याज की खरीद कर रहे हैं।


श्रेत्र की गृहिणियों ने कहा कि सब्जियों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हो गई है। जिस कारण सोच समझ कर ही खर्च करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि दामों में बढ़ोतरी के कारण सब्जियां गरीब लोगों की खरीद से बाहर हो गई हैं। सरकार को चाहिए कि कीमतों में कमी की जाए ताकि सभी लोग दो वक्त की रोटी आराम से खा सकें। उन्होंने कहा कि प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी हो गई है। जिस कारण अब प्याज का इस्तेमाल कम करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आम आदमी का भरण पोषण कठिन हो गया है। सरकार जल्द खाद्य वस्तुओं के दामों में कमी करें।


उधर एपीएमसी हमीरपुर की सचिव शगुन ने बताया कि प्याज की कीमतों में उछाल आया है। इसका कारण यह हो सकता है कि कई लोग प्याज को गोदामों में जमा कर लेते हैं और प्याज की कीमतों में एकाएक वृद्धि हो जाती है। वहीं टमाटर का उत्पादन आजकल नहीं होता है। इसलिए टमाटरों का उत्पादन कम होने के कारण बाजारों में कीमतें बढ़ जाती हैं। उत्पादन कम हो जाता है परंतु मांग उतनी ही रहती है।   

 

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