एचपी शिवा परियोजना द्वारा बागवानों के लिए मूल्य वर्धन तथा विपणन पर कार्यशाला आयोजित

उद्यान विभाग की एचपी शिवा परियोजना प्रबंधन इकाई हमीरपुर द्वारा  फूड प्लाजा में कार्यक्रम आयोजित किया गया । जिसकी अध्यक्षता डॉ. राजेश परमार उप-निदेशक उद्यान ने की।
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हमीरपुर  ।   उद्यान विभाग की एचपी शिवा परियोजना प्रबंधन इकाई हमीरपुर द्वारा वीरवार को  फूड प्लाजा में कार्यक्रम आयोजित किया गया । जिसकी अध्यक्षता डॉ. राजेश परमार उप-निदेशक उद्यान ने की। कार्यक्रम में सामुदायिक बागवानी उत्पादक एवं विपणन सहकारी समिति लिमिटेड के सदस्यों , शिवा परियोजना के लाभार्थी बागवानों तथा बैंकर्स ने हिस्सा लिया । सहकारी समिति का उद्देश्य बागबानों की सहायता के लिये संयुक्त मंच प्रदान करना है।  कार्यक्रम में  उत्पादों का मूल्य वर्धन तथा विपणन से सम्बंधित जानकारी दी गई जिसमें बताया गया कि समिति के समस्त सदस्य विभिन्न उत्पादों का प्रसंस्करण , मूल्य वर्धन में विपणन समिति के माध्यम से करेंगे।


    

डॉ. राजेश परमार ने कहा कि समिति द्वारा शेयर पूंजी तथा अन्य स्रोतों से उपलब्ध धनराशि का उपयोग सदस्यों से उत्पादों को क्रय करने हेतु किया जा सकेगा। समिति द्वारा इन उत्पादों को सीधे अथवा मूल्यवर्धित कर बाजार में संबंधित विक्रेताओं से व्यापारिक संपर्क स्थापित कर किया जाएगा। परियोजना के माध्यम से समिति को उत्पादों के भण्डारण, प्रसंस्करण, मूल्य वर्धन तथा विपणन में वित्तीय तथा भौतिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस परियोजना में वित्तीय सहायता के लिये एशियन डेवलपमेंट बैंक लीड बैंक के तौर पर कार्य कर रहा है ।


           उन्होंने कहा कि समिति के सदस्य विभिन्न आगतों (कीटनाशक, खाद, पैकेजिंग मटीरियल, उपकरण आदि) का क्रय भी समिति के माध्यम से कर सकेंगे। समिति सदस्यों की मांग के आधार पर विभिन्न आगतों को समिति द्वारा निर्धारित विक्रेता से थोक भाव में क्रय कर समिति के सदस्यों को बाजार से कम लागत पर सुविधाएं उपलब्ध करा सकती है। समिति के सदस्यों को उपोष्णकटिबंधीय फल फसलों के उत्पादन तथा प्रबन्धन में सहयोग प्रदान करना, चिन्हित फसल तथा फसल उत्पादों के प्रसंस्करण लेबलिंग, विपणन तथा फसल आधारित बीमा इत्यादि में सहयोग करना,  सदस्यों तथा अन्य हितधारकों को समस्त प्रकार की तकनीकी व सहायक सेवाएं सुलभ उपलब्ध करना, कृषकों की आर्थिक स्थिरता हेतु सहमति के आधार पर व्यापारिक गतिविधियों को संचालित करना इत्यादि इस परियोजना के अन्तर्गत आता है ।
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              डॉ. राजेश परमार ने कहा कि परियोजना के अंतर्गत पंजीकृत की जा रही प्रत्येक सीएमएस समिति हेतु 20 बीस लाख की शेयर पूंजी निर्धारित की गयी है जिसका एक भाग रू 500 का होगा अर्थात प्रत्येक समिति के कुल 4 हजार शेयर होंगे।  सदस्य के रूप में पंजीकरण के उपरांत प्रत्येक सदस्य अनिवार्य रूप से शेयर पूंजी के कुल चार शेयर अर्थात रू. 2 हजार मूल्य के शेयर क्रय करेगा, जिसका उपयोग समिति द्वारा संचालित की जाने वाली व्यापारिक गतिविधियों में किया जाएगा।


         
लाभार्थियों में समानता बनाये रखने के दृष्टिकोण से  इस परियोजना के आरंभिक चरण में प्रत्येक सदस्य को मात्र चार शेयर क्रय करने हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है।  जिसे समिति की आवश्यकतानुसार परिवर्तित किया जा सकता है।   उन्होंने बताया कि एचपी शिवा परियोजना के अन्तर्गत क्लस्टर स्तर पर वह कृषक, जिनके द्वारा बागवानी कार्य किया जा रहा है, संबंधित सहकारी समिति के सदस्य बन सकते हैं। परन्तु एक परिवार से मात्र एक ही वयस्क सदस्य इस समिति के सदस्य हो सकते हैं।

प्रत्येक सदस्य को सदस्य के रूप में पंजीकरण हेतु रू 50/- पंजीकरण शुल्क देना अनिवार्य होगा। समिति में 30 प्रतिशत महिला सदस्य होना अनिवार्य है।  समिति की प्रबन्धन समिति में अध्यक्ष अथवा उपाध्यक्ष पद पर चक्रीय क्रम में महिला सदस्य को नियुक्त किया जाना अनिवार्य होगा।  कार्यक्रम में पंजीकरण शुल्क तथा शेयर पूंजी का उपयोग, उपयोगकर्ता शुल्क, विवाद निपटारा समिति, सीएचपीएमए , सामूहिक विपणन, उत्पाद की गुणवत्ता सुनिश्चित करना आदि विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई ।

इस अवसर पर जिला के उत्कृष्ट बागवानों को भी सम्मानित किया। इस मौके पर डॉ. किशोर नौटियाल टीम लीडर सीएचपीएमए, डॉ. नरोतम एफटी, बैंक तथा सहकारी समिति के  पदाधिकारी उपस्थित रहे।  

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