Hamirpur : दलगत सियासत ने कुचल कर रख दिए बड़सर विस क्षेत्र के अरमान

चार साल से मुख्यमंत्री (CM) के इंतजार ने लटकाए करोड़ों के प्रोजेक्ट (Project),  दस साल से बस अड्डे (Bus Stand) का इंतजार कर रही जनता, हर बार मिला लॉलीपाप      
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हमीरपुर ।  कभी कोविड (Covid) की मार, तो कभी सरकार का जमकर तिरस्कार, शायद यही बड़सर की किस्मत में लिखा है। हमीरपुर (Hamirpur) से बेशक दो बार प्रेम कुमार (Prem Kumar) मुख्यमंत्री  (CM) रहे मगर स्थानीय नेता कोई काम नहीं करवा पाए, सिर्फ सियासत करते रहे। विकास क्या होता है यह जिनी तौर पर तो यहां के नेताओं का खूब हुआ हो सकता है, लेकिन सार्वजनिक तौर पर आम आदमी को कोई सहूलियत यहां के नेता दिला नहीं पाए। वर्तमान सरकार ने तो इस क्षेत्र के तिरस्कार की हदें ही पार कर दीं।


बताते चलें कि चार साल में मुख्यमंत्री जयराम (CM Jai Ram) को यहां की याद तक नहीं आई या यूं कहें कि क्षेत्र के तथाकथित नेता उन्हें यहां लाने में बुरी तरह पिट गए। गत दिनों चर्चा थी कि मुख्यमंत्री (CM) बड़सर (Barsar) क्षेत्र का दौरा करेंगे, लेकिन अब कोरोना की पाबंदियां हैं और ऐसे में यह दौरा भी टल गया। वैसे विकास का नींव पत्थर रखने में कोरोना कोई बड़ी बाधा नहीं है, फिर भी इसे टाल देना ही उचित समझा गया। मुख्यमंत्री (CM) के बड़सर (Barsar) दौरे का पिछले चार सालों से इंतजार कर रहे क्षेत्रवासियों को एक बार फिर से निराशा हाथ लगी।

सीएम (CM) का दौरा एक बार फिर से कोविड (Covid) -19 के फैलते प्रकोप के चलते रद्द हो चुका है। पिछले चार सालों से सीएम (CM) के बड़सर विधानसभा क्षेत्र में न पहुंचने के कारण एक तरफ  जहां विकास की रफ्तार थमी है। वहीं दूसरी तरफ पूरे हो चुके कई प्रोजेक्ट (Project) उद्घाटन न होने के कारण जनता की पहुंच से कोसों दूर हैं। चार करोड़ की लागत से तैयार आयुर्वेदिक अस्पताल बिझड़ी (Ayurvedic Hospital Bijhari), दियोटसिद्ध (Deotsidh) में 11 करोड़ की लागत से तैयार लंगर भवन बिना उद्घाटन के सफेद हाथी बने खड़े हैं। बड़सर (Barsar) में बनने वाला बस अड्डा (Bus Stand) लगभग 10 साल पहले शिलान्यास के बावजूद आज तक नहीं बन सका है।

पिछली भाजपा सरकार (BJP Govt) के  समय बस अड्डे के लिए भूमि चयनित करने के बाद इसका शिलान्यास तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल (Ex CM Prem Kumar Dhumal) द्वारा करवाया गया था। लेकिन सालों बीतने के बाद भी यहां एक भी ईंट नहीं लग पाई है। भाजपा (BJP) के सत्ता से जाते ही कांग्रेस (Congress) के कार्यकाल में निर्माण के लिए भूमि के कागजात खंगाले गए, तो पाया गया कि भूमि बस अड्डा के लिए पर्याप्त नहीं है। जिसके चलते लंबे अरसे से चली आ रही मांग व उम्मीद धराशाई हो गई। कांग्रेस (Congress) के शासनकाल में मैहरे (Mehre) से बस अड्डे को शिफ्ट कर बड़सर (Barsar) में बनाने की योजना बनाई गई, लेकिन यह योजना अभी तक फाइलोंं में ही दबी पड़ी है।
 


मैहरे (Mehre) में कीचड़ से सवारियों का स्वागत

 प्रदेश में एक बार फिर से भाजपा सरकार (BJP Govt) है और अपने कार्यकाल के अंतिम वर्ष में पहुंच चुकी है, लेकिन पहले की भाजपा सरकार (BJP Govt)  द्वारा दिया गया लॉलीपॉप इस टर्म में भी लॉलीपॉप ही साबित हुआ है। आज मैहरे (Mehre) में हालात ऐसे हैं कि बसें हाई वे किनारे खड़ी होती हैं तथा वहां लोगों का स्वागत कीचड़ से हो रहा है। सत्तापक्ष व विपक्ष इस मुद्दे को लेकर एक दूसरे पर खूब कीचड़ उछालते रहे हैं। शिलान्यास के लगभग 10 वर्ष बीत जाने के बाद भी बड़सर वासी अपने आपको छला हुआ महसूस कर रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कतें बस आपरेटरों यात्रियों यातायात कर्मियों के साथ स्थानीय दुकानदारों व राहगीरों को पेश आ रही हैं। लोगों में आम चर्चा है कि बड़सर से भाजपा (BJP) में कई पदाधिकारी महत्त्वपूर्ण पदों पर विराजमान हैं, लेकिन क्षेत्र में विकास के नाम पर जनता को ठगा जाता रहा है।

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वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष बलदेव शर्मा,  प्रदेश प्रवक्ता विनोद ठाकुर, कामगार कल्याण बोर्ड चेयरमैन राकेश शर्मा बबली व ग्रामीण विकास बैंक चेयरमैन कमल नयन शर्मा  बड़सर विधानसभा क्षेत्र से ही संबंध रखते हैं। आम जनता का मानना है कि चुनावी बेला में यहां सत्तापक्ष व विपक्ष से जुड़े तमाम नेताओं की बाढ़ आ जाती है, लेकिन जनता को विकास के नाम पर बस अड्डे (Bus Stand) की जगह कीचड़ से नहलाया जा रहा है।



सीएम ऑनलाइन (CM Online) ही कर दें उद्घाटन : लखनपाल
 
बड़सर विधायक इंद्रदत्त लखनपाल (Barsar MLA Inder Dutt Lakhanpal) ने कहा कि भाजपा सरकार (Bjp Govt) ने चुनावी बेला नजदीक आते ही आनन फानन में राजनीतिक लाभ के लिए बस अड्डे (Bus Stand)  की आधारशिला रख दी थी। लेकिन चिन्हित भूमि पर एचआरटीसी (HRTC) ने भूमि कम होने का हवाला देते हुए बस अड्डे (Bus Stand) का निर्माण नहीं करवाया। उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश के मुख्यमंत्री (CM) बड़सर नहीं आ पा रहे हैं, तो वह पूरे हो चुके प्रोजेक्टों (Projects) को ऑनलाइन (Online) उद्घाटन कर भी जनता को समर्पित कर सकते हैं। 


जमीन की अड़चन खत्म होते ही बन जाएगा बस अड्डा : राकेश बवली 

प्रदेश कामगार बोर्ड चेयरमैन राकेश शर्मा बबली (Rakesh Sharma Babli) ने कहा कि बड़सर (Barsar) विस क्षेत्र के बहुत से मुद्दों की लड़ाई हम लड़ रहे हैं। बिझड़ी (Bijhari) में सेंट्रल स्कूल (Central School) , मैहरे (Mehre) में मिनी सचिवालय (Mini Secretariat), बिझड़ी (Bijhari) में आईटीआई (ITI) हमारा उद्देश्य है। जहां तक बस अड्डे का सवाल है उसमें जमीन को लेकर कुछ अड़चन है। इन्हें दूर कर बस अड्डे (Bus Stand) के निर्माण का प्रयास किया जाएगा। 

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