हमीरपुर : 52 दिन तक जेल में रहने के बाद इंस्पेक्टर नीरज को सशर्त जमानत

इंस्पेक्टर नीरज राणा पर नादौन थाना का एसएचओ रहते दुधारू पशुओं का कारोबार करने वाले व्यक्ति से 25 हजार रुपये रिश्वत लेते, चिट्टा रखने और विजिलेंस टीम पर गाड़ी चढ़ाकर हत्या के प्रयास का आरोप है।
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इंस्पेक्टर नीरज राणा

हमीरपुर। रिश्वत लेने, विजिलेंस टीम पर गाड़ी चढ़ाकर हत्या का प्रयास और चिट्टे के मामले में नामजद नादौन थाना के पूर्व एसएचओ इंस्पेक्टर नीरज राणा को करीब 52 दिन बाद हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिल गई है। एक लाख रुपये के मुचलके और एक लोकल जमानती के बाद कोर्ट ने उन्हें रिहा कर दिया है। जमानत शर्त के अनुसार आरोपी विजिलेंस और हमीरपुर पुलिस की जांच में सहयोग करेगा। वह बिना अनुमति देश से बाहर नहीं जा सकेगा। गवाहों और सुबूतों के साथ छेड़छाड़ का प्रयास भी नहीं करेगा।

ट्रायल कोर्ट में नियमित तौर पर शामिल होगा। इंस्पेक्टर नीरज राणा बीते 14 मार्च से न्यायिक हिरासत में था। विजिलेंस और जिला पुलिस थाना में आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज है। विजिलेंस और जिला पुलिस ने आरोपी से कई बार पूछताछ की, लेकिन आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज होने के साढ़े तीन माह बाद भी विजिलेंस और पुलिस के हाथ खाली हैं। न तो रिश्वत के रूप में केस प्रॉपर्टी बरामद हुई और न ही आरोपी का मोबाइल फोन मिला।

विजिलेंस के पास शिकायतकर्ता के बयान और वीडियो फुटेज ही उपलब्ध हैं। विभागीय जांच से बाहर निकलना इंस्पेक्टर नीरज राणा के लिए मुश्किल है। पूर्व में भी जिन पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ संगीन मामलों में विभागीय जांच के बाद कार्रवाई हुई उन्हें न तो वित्तीय लाभ मिले और न ही विभाग में नौकरी के दौरान पदोन्नति मिल पाई। उधर, विजिलेंस के डीएसपी लालमन शर्मा ने कहा कि इंस्पेक्टर नीरज राणा को हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिल गई है। मामले की जांच जारी रहेगी।



यह है मामला


इंस्पेक्टर नीरज राणा पर नादौन थाना का एसएचओ रहते दुधारू पशुओं का कारोबार करने वाले व्यक्ति से 25 हजार रुपये रिश्वत लेते, चिट्टा रखने और विजिलेंस टीम पर गाड़ी चढ़ाकर हत्या के प्रयास का आरोप है। विजिलेंस ने शिकायत पर उसे रंगेहाथ पकड़ने का प्लान 21 दिसंबर, 2021 को बनाया था। नादौन शहर के लेबर चौक पर शिकायतकर्ता ने आरोपी के हाथों में रिश्वत के केमिकल लगे नोटों की गड्डी थमाई तो विजिलेंस टीम आरोपी को दबोचने के लिए आगे बढ़ी, लेकिन विजिलेंस टीम पर कार चढ़ाने का प्रयास करते हुए आरोपी फरार हो गया।

कुछ घंटे बाद आरोपी की कार सेरी कल्चर रोड पर सड़क किनारे मिली। कार से 0.84 ग्राम चिट्टा भी बरामद हुआ। आरोपी को पकड़ने के लिए विजिलेंस और पुलिस की एसआईटी बनाई गई, लेकिन 24 दिसंबर तक दोनों जांच दल आरोपी को पकड़ नहीं पाए। 24 दिसंबर को आरोपी ने हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत ले ली थी, जो 14 मार्च तक जारी रही। हाईकोर्ट से जमानत अर्जी रद्द होने के बाद 14 मार्च को आरोपी को विजिलेंस ने गिरफ्तार कर लिया। 

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