जिला प्रशासन उन सभी लोगों के साथ खड़ा है जो इस समय मुसीबत में हैं : देबश्वेता बनिक

जिला प्रशासन की ओर से 30 लोगों को रेस्क्यू करके बचाया गया, प्रभावित परिवारों को 10-10 हजार रूपए फौरी राहत राशि प्रदान की गई ।
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 उपायुक्त देबश्वेता बनिक और एसडीएम सुजानपुर डा0 हरीश गज्जू मौके पर खैरी गांव पहुंचे

हमीरपुर ।  जिला हमीरपुर में पिछले 24 घंटों से बारिश का कहर जारी है। हमीरपुर जिला के उपमंडल सुजानपुर के ग्राम पंचायत खैरी में ब्यास नदी का जलस्तर बढऩे के कारण गांव खैरी में खीरी बल्ला नदी के किनारे 8  लोगों के घरों में ब्यास नदी का पानी भर गया था। जिला प्रशासन की ओर से पटवारी, एसएचओ, पुलिस टीम, होम गार्ड जवानों और जंगल बैरी पुलिस बटालियन तथा स्थानीय लोगों द्वारा हिम्मत दिखाते हुए राहत एवं बचाव कार्य किया और रेस्क्यू को अंजाम दिया तथा 30 लोगों को सुरक्षित  बाहर निकाला गया।  


     उपायुक्त देबश्वेता बनिक और एसडीएम सुजानपुर डा0 हरीश गज्जू मौके पर खैरी गांव पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मिले और उन्हें तुरन्त राहत राशि प्रदान की। उपायुक्त ने बताया कि उपायुक्त ने बताया कि मौके की नज़ाकत को देखते हुए एनडीआरएफ की टीम को भी बुला लिया गया था, लेकिन बचाव कार्य में लगी हुई टीमों द्वारा स्थिति को काबू में कर लिया गया और एनडीआरणफ टकम की अपवश्यकता नहीं पड़ी।

   उपायुक्त ने बताया कि प्रभावित परिवारों को 10-10 हजार रूपए फौरी राहत के रूप में प्रदान किए गए।  प्रभावित परिवारों को भोजन भी उपलब्ध करवाया गया तथा उनका अस्थाई रूप से रहने का प्रबन्ध भी कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान की जा रही है। उपायुक्त देबश्वेता बनिक ने बताया कि विपदा की इस घड़ी में जिला प्रशासन उन सभी लोगों के साथ खड़ा है जो इस मुसीबत में हैं।

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     उन्होंने बताया कि शनिवार प्रात: 6 बजे कुछ लोगों के घरों में महाल खैरी में व्यास नदी का पानी भरने की सूचना मिली उसके तुरंत बाद पटवारी, एसएचओ, पुलिस टीम, होम गार्ड जवानों और जंगल बैरी पुलिस बटालियन तथा स्थानीय लोग मौका पर पहुंचे तथा पाया कि महाल खैरी में मौजा जंगल राजगीर, तहसील सुजानपुर में जो घर (10-12) व्यास नदी की तरफ बने हुए हैं वहां पर व्यास नदी की तेज धाराएं चारों ओर फैली हुई थी जिसमें जगभग 30 लोग उनके पशुओं के साथ फंसे हुए थे।

मौके पर अग्निशमन पुलिस विभाग होमगार्ड तथा पुलिस बटालियन जंगल बैरी के जवानों तथा स्थानीय लोगों जिनमें बिक्रम कुमार, रवि कुमार, लोकेश कुमार, लक्की कुमार और मुकेश कुमार फंसे हुए लोगों की मदद करने के लिए पहुंचे। फंसे हुए परिवारों करमचंद पुत्र बेलीराम का परिवार, अशोक कुमार पुत्र प्रेमचंद का परिवार, रीता देवी पत्नी सुरेश कुमार का परिवार, राजकुमार पुत्र अमीं चंद का परिवार,  प्रवेश कुमार पुत्र अमीं चंद का परिवार था। रोशनी देवी विधवा बेलीराम स्वतंत्रता सेनानी, व मनसा देवी पत्नी प्रेमचंद, 93 वर्षीय बुजुर्ग व एक डेढ़ माह का नवजात था। सभी को लगभग 10 बजे के आसपास सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। परंतु कर्म चंद की एक भैंस तथा सुरेश कुमार की भैंस का बच्चा लापता है।

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