Random sampling तेज, मंडी में रोजाना लिए जा रहे 100 से ज्यादा
मंडी। जिले में कोरोना जांच के लिए रैंडम सैंपल (random sampling) लेने की प्रक्रिया तेज कर दी है। जिला में रोजाना 100 से ज्यादा रैंडम सैंपल लिए जा रहे हैं, ताकि कोरोना का कोई भी मामला छिपा न रहे। उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर ने पत्रकारवार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में बाहरी राज्यों से लगभग 8500 लोग जिला मंडी में आए हैं। जो लोग बाहर से आ रहे हैं उन्हें क्वारंटीन कर सैंपल लिए जा रहे हैं।
कर्नाटक से आए सभी लोगों के सैंपल ले लिए गए हैं। मुबंई से लौटने वालों के भी सैंपल लिए जा रहे हैं। दूसरों जिलों में मुबंई से आए लोगों के कोरोना पॉजिटिव मामले ज्यादा बढे़ हैं। ऐसे में मंडी में भी मुंबई से आए लोगों के सैंपल प्राथमिकता से लिए जा रहे हैं। ताकि यदि कोई व्यक्ति संक्रमित हो तो उसका शीघ्र पता चल सके। इनमें से किसी भी व्यक्ति में कोई लक्षण अभी तक नहीं पाए गए हैं।
उपायुक्त ने मंडी जिला में 20 मई को सामने आए कोरोना संक्रमण के 4 मामलों के बारे में जानकारी दी। कहा कि ये चारों मामले अलग-अगल उपमंडल के हैं। इनमें थुनाग, बल्ह, गोहर और सदर उपमंडल से प्रत्येक से एक-एक मामला है। इन चार मरीजों में से दो लोग जोनल अस्पात मंडी की फ्लू ओपीडी में आए थे। नियमानुसार जितने भी रोगी लक्षण सहित फ्लू ओपीडी में आते हैं उन सभी के सैंपल लिए जाते हैं। इनके सैंपल लेकर नेरचौक मेडिकल कॉलेज भेजे गए थे। इसके अलावा एक मरीज होम क्वारंटाइन थी। फोन पर उसमें बुखार के लक्षणों का पता चला तो घर जाकर उसका सैंपल लिया। इसके अतिरिक्त एक अन्य मरीज जो बल्ह उपमंडल से है। वह पहले ही नेरचौक अस्पताल में अन्य बीमारी की वजह से दाखिल थी। उसका भी वहां सैंपल लिया गया था।
संपर्क में आए लोगों के लिए जा रहे सैंपल
उपायुक्त ने कहा कि चारों मरीजों की प्राथमिक संपर्क सूची तैयार की गई है। लगभग सभी के संपर्क में 10-10 व्यक्ति आए हैं। इनमें परिवार के सदस्य व अन्य लोग हैं। चूंकि इनमें से तीन मरीजों की अभी कोई ट्रैवल हिस्ट्री सामने नहीं आई है, इसलिए प्राथमिक तौर पर सभी लोगों के सैंपल लिए जा रहे हैं। बाकी इन लोगों के प्राथमिक संपर्क में आए लोगों की पहचान की जा रही है ताकि उनके भी सैंपल शीघ्र लिए जा सकें।
कंटेनमेंट जोन में एक्टिव सर्विलेंस प्रशासन की टीमें
ऋग्वेद ठाकुर ने कहा कि संबंध्तिा क्षेत्र में घोषित कंटेनमैंट जोन में प्रशासन की टीमें एक्टिव सर्विलेंस में जुट गई हैं। गांव, पंचायत, वार्ड स्तर पर ये टीमें पहले ही घोषित की गई हैं। ये टीमें इन क्षेत्रों में घर-घर जाकर सभी से पूछेंगी कि जो व्यक्ति पॉजिटिव आया है, उसके साथ किसी का पिछले 15 दिनों में कोई सम्पर्क तो नहीं रहा। इस दौरान यदि किसी व्यक्ति में संक्रमण के कोई लक्षण पाए जाते हैं तो उनका सैंपल लिया जाएगा।
दो दिन बंद रहेंगी 2 निजी अस्पतालों की ओपीडी
उपायुक्त ने कहा कि नेरचौक अस्पताल में उपचाराधीन मरीज पहले ईलाज के लिए आस्था व मल्होत्रा अस्पतालों में भी जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन अस्पतालों को एक-दो दिन के लिए ओपीडी बंद करने को कहा है। इसके साथ ही उन्हें उनके संपर्क में मरीजों का पता लगाकर सभी को आईसोलेट करने के निर्देश दिए हैं। अस्पताल को सेनेटाईज करने और स्थिति सामान्य होने पर पुनः ओपीडी शुरू कर सकते हैं।
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