HIMACHAL CABINET DECISION/विधवा उद्यमी को 35% तक मिलेगी SUBSIDY
शिमला। HIMACHAL CABINET ने मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना-2019 को और अधिक लाभकारी बनाने का फैसला लिया है। ताकि HIMACHAL मूल विधवा उद्यमियों को कोराबार करने का मौका मिल सके। CABINET फैसले के अनुसार विधवा उद्यमी को अनुदान राशि 35 फीसदी मिलेगी और आयु सीमा 45 साल तक रहेगी। इस योजना से करीब 60 लाख तक का ऋण कारोबार शुरू करने के लिए लिया जा सकता है। अनुदान राशि की अधिकतम सीमा 10 लाख से अधिक नहीं रहेगी। साधारण उद्यमी के लिए अनुदान 25 फीसदी है और महिलाओं के लिए 30 फीसदी।
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मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना-2019 को और अधिक लाभकारी बनाने के लिए कैबिनेट ने इसमें संशोधन का निर्णय लिया है। इसके अनुसार इस योजना के तहत स्वीकृत इकाइयों में बैंक की ओर से आवंटित की गई ऋण की पहली किस्त के एक वर्ष भीतर विनिर्माण व सेवा उपक्रमों में व्यावसायिक उत्पादन आरंभ करना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त यदि इन इकाइयों की स्थापना हिमाचली मूल की विधवा ने किया हो और उसकी उम्र 45 वर्ष तक हो, उस स्थिति में पात्र अनुदान की राशि 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत की गई है।
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चार जिलों में स्थापित होंगे फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय
कैबिनेट ने दुष्कर्म और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पोस्को) के मामलों की सुनवाई के लिए एक वर्ष की अवधि के लिए शिमला, किन्नौर जिले के लिए रामपुर और सिरमौर के लिए नाहन में फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय स्थापित करने का निर्णय लिया है। बैठक में लाल बहादुर शास्त्री राजकीय डिग्री कॉलेज व अस्पताल नेरचैक में बीएससी नर्सिंग की सीटें 40 से बढ़ाकर 60 करने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने को स्वीकृति प्रदान की गई। कैबिनेट ने आईजीएमसी शिमला में रेडियोलॉजी एवं गेस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग में सहायक प्रोफेसर और टांडा मेडिकल कॉलेज में सहायक प्रोफसर एनॉटमी एवं पेडियट्रिक्स का एक-एक पद सृजित करने व भरने का निर्णय लिया।
गोसदनों को प्रति गाय 500 रुपये की मिलेगी सहायता
अगर गोसदनों में लावारिस गायों को अपनाना जाता है तो प्रति गाय 500 रुपये की सहायता दी जाएगी। इसके लिए पुनर्वास योजना शुरू करने को स्वीकृति दी। प्रारंभिक चरण में गोसदनों, गोशालाओं और गो अभ्यारण्य में रखी हर गाय के लिए पांच सौ रुपये देने का फैसला हुआ है। विभाग हर गाय की टैगिंग भी करेगा। गायें लावारिस छोड़ने वालों पर कार्रवाई होगी।
पीडब्ल्यूडी और जलशक्ति विभाग के बिल कोष विभाग करेगा मंजूर
भ्रष्टाचार खत्म करने और लेन-देन में पारदर्शिता के लिए अब पीडब्ल्यूडी और जलशक्ति विभाग के बिल कोष विभाग के माध्यम से मंजूर होंगे। कार्य लेन-देन के लिए भुगतान और लेखा प्रक्रिया में पारदर्शिता, सटीकता, दक्षता हासिल करने, भुगतान, रसीद उपकरणों की पेयरिंग में देरी को दूर करने के उद्देश्य से मंत्रिमंडल ने दोनों विभागों के कार्यों को ट्रेजरी मोड में स्थानांतरित करने और पहली जुलाई से एलओसी प्रणाली समाप्त करने का निर्णय लिया है। बैठक में कांगड़ा जिले के देहरागोपीपुर में क्षेत्र के पूर्व एवं सेवारत सैनिकों की सुविधा के लिए ईसीएचएस पॉलीक्लीनिक एवं ईसीएमए सीएसडी कैंटीन स्थापित करने के लिए केंद्रीय रक्षा मंत्रालय के पक्ष में नि:शुल्क भूमि हस्तांतरित करने को अपनी स्वीकृति प्रदान की।
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