हेडमास्टर के पदों की संख्या बढ़ाए प्रदेश सरकार
| Sep 15, 2021, 17:35 IST
हेडमास्टर के पदों की संख्या बढ़ाए प्रदेश सरकार
बड़सर। प्रदेश के मिडल स्कूलों में हेडमास्टर्स के पदों का सृजन करते हुए मौजूदा 236 पदों को भी खंड स्तर पर शिफ्ट करते हुए भरा जाए । हेडमास्टर व टीजीटी शिक्षकों के हितों के रक्षा हेतु यह मांग राजकीय प्रशिक्षित कला स्नातक संघ ने प्रदेश सरकार से की है । संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कौशल, उपाध्यक्ष मदन, प्रदेश महासचिव विजय हीर, स्टेट प्रतिनिधि संजय ठाकुर, देश राज ,संघ प्रचारक ओम प्रकाश , प्रेस सचिव पवन रांगड़ा , जिला इकाईयों के प्रधान देशराज शर्मा , अमित छाबड़ा, विजय बरवाल, संजय चौधरी, रविन्द्र गुलेरिया, राकेश चौधरी, शेर सिंह ,डॉ0 सुनील दत्त , राजेन्द्र ठाकुर , रिग्ज़िन सैंडप , पुष्पराज खिमटा, रामकृष्ण ने कहा कि प्रदेश के अनेकों हाई स्कूलों में मुख्याध्यापक बिना डीडीओ शक्ति कार्य कर रहे हैं जिनको प्रधानाचार्यों के तहत काम करना पड़ता है जबकि डीडीओ शक्ति वाले हेडमास्टर जिला शिक्षा उप-निदेशकों के अधीन कार्य कर रहे हैं जो कि दोहरे पैमाने की व्यवस्था है । सभी हेडमास्टर पदों को डीडीओ शक्तियाँ मिलनी चाहिए और देश के 9 राज्यों की तर्ज़ पर मिडल स्कूलों में हेडमास्टर के पद सृजित किए जाएँ । इसके अलावा संघ ने जिला निरीक्षण विंग में हेडमास्टर के पद सृजित करने , खंड स्तर पर निरीक्षक पद हेतु हेडमास्टर को अवसर देने की अपील की है । संघ ने टीजीटी कला शिक्षकों के लिए जिला स्तर पर सामाजिक अध्ययन पर्यवेक्षक व प्रोग्रामर , खंड स्तर पर स्कूल प्रोग्रामर पद सृजित करने की मांग भी उठाई है और इस बारे में मुख्यमंत्री , शिक्षामंत्री , मुख्य सचिव , उच्च शिक्षा निदेशक , प्रारम्भिक शिक्षा निदेशक को ज्ञापन सौंपा है । संघ ने कहा कि प्रधानाचार्य कोटे से जुड़े मामलों में संघ संयुक्त मोर्चा के साथ है और ज्वाईंट कंफेडरेशन के सांझा हित कार्यक्रम में उनके साथ चलेगा । टीजीटी शिक्षकों के हितों की उपेक्षा करते हुए पदोन्नति कोटे में नकारात्मक बदलाव किया गया तो संघ आंदोलन का रास्ता चुनेगा ।
बड़सर। प्रदेश के मिडल स्कूलों में हेडमास्टर्स के पदों का सृजन करते हुए मौजूदा 236 पदों को भी खंड स्तर पर शिफ्ट करते हुए भरा जाए । हेडमास्टर व टीजीटी शिक्षकों के हितों के रक्षा हेतु यह मांग राजकीय प्रशिक्षित कला स्नातक संघ ने प्रदेश सरकार से की है । संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कौशल, उपाध्यक्ष मदन, प्रदेश महासचिव विजय हीर, स्टेट प्रतिनिधि संजय ठाकुर, देश राज ,संघ प्रचारक ओम प्रकाश , प्रेस सचिव पवन रांगड़ा , जिला इकाईयों के प्रधान देशराज शर्मा , अमित छाबड़ा, विजय बरवाल, संजय चौधरी, रविन्द्र गुलेरिया, राकेश चौधरी, शेर सिंह ,डॉ0 सुनील दत्त , राजेन्द्र ठाकुर , रिग्ज़िन सैंडप , पुष्पराज खिमटा, रामकृष्ण ने कहा कि प्रदेश के अनेकों हाई स्कूलों में मुख्याध्यापक बिना डीडीओ शक्ति कार्य कर रहे हैं जिनको प्रधानाचार्यों के तहत काम करना पड़ता है जबकि डीडीओ शक्ति वाले हेडमास्टर जिला शिक्षा उप-निदेशकों के अधीन कार्य कर रहे हैं जो कि दोहरे पैमाने की व्यवस्था है । सभी हेडमास्टर पदों को डीडीओ शक्तियाँ मिलनी चाहिए और देश के 9 राज्यों की तर्ज़ पर मिडल स्कूलों में हेडमास्टर के पद सृजित किए जाएँ । इसके अलावा संघ ने जिला निरीक्षण विंग में हेडमास्टर के पद सृजित करने , खंड स्तर पर निरीक्षक पद हेतु हेडमास्टर को अवसर देने की अपील की है । संघ ने टीजीटी कला शिक्षकों के लिए जिला स्तर पर सामाजिक अध्ययन पर्यवेक्षक व प्रोग्रामर , खंड स्तर पर स्कूल प्रोग्रामर पद सृजित करने की मांग भी उठाई है और इस बारे में मुख्यमंत्री , शिक्षामंत्री , मुख्य सचिव , उच्च शिक्षा निदेशक , प्रारम्भिक शिक्षा निदेशक को ज्ञापन सौंपा है । संघ ने कहा कि प्रधानाचार्य कोटे से जुड़े मामलों में संघ संयुक्त मोर्चा के साथ है और ज्वाईंट कंफेडरेशन के सांझा हित कार्यक्रम में उनके साथ चलेगा । टीजीटी शिक्षकों के हितों की उपेक्षा करते हुए पदोन्नति कोटे में नकारात्मक बदलाव किया गया तो संघ आंदोलन का रास्ता चुनेगा ।
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