आफत बनी बारिश! भूस्खलन से राजधानी शिमला का यह मार्ग हुआ बंद
हिमाचल प्रदेश के दो दिनों से बारिश का दौर जारी है। प्रदेश के कई हिस्सों में इस बार बारिश आफत बनकर बरसी रही है। कई जगह भारी बारिश के कारण भूस्खलन हो रहे हैं। इससे जहां यातायात बाधित हो रहा है, वहीं आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रविवार सुबह से ही लगातार बारिश हो रही है। इस बजह से राजधानी शिमला में भूस्खलन हो रहा है। इससे यातायात बाधित हो गया है। बारिश के चलते पहाड़ी से सड़क पर मलबा आने से ब्रॉक होस्ट-विकासनगर मार्ग पर आवाजाही प्रभावित हो गई है। यातायात के लिए यह मार्ग फिलहाल बंद है।
Road blocked due to landslides between BCS...Vikasnagar road .
*Men and machinery on road for restoration work. pic.twitter.com/GVl2cxqGMR — HP Traffic, Tourist & Railways Police (@TTRHimachal) September 12, 2021
उधर, खलीनी के मिसचेम्बर में एक पेड़ के बीच सड़क पर आ गिरा है। इससे खलीनी-बीसीएस मार्ग बड़ी गाड़ियों के लिए बंद हो गया है। हालांकि छोटी गाड़ियों की आवाजाही हो रही है। बता दें कि हिमाचल प्रदेश में शनिवार को येलो अलर्ट के बीच मनाली और लाहौल की ऊंची चोटियों पर हिमपात हुआ था। शिमला में हल्की बूंदाबांदी के साथ दिन भर बादल छाए रहे। प्रदेश के मैदानी और मध्य पर्वतीय जिलों में रविवार को भी भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।किन्नौर, चम्बा, कांगड़ा, मंडी और कुल्लू के कुछ क्षेत्रों में रविवार को बाढ़ आने की चेतावनी जारी की गई है। उधर, बारिश में प्रदेश में नौ मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। चम्बा जिले में शनिवार को सुबह केरू पहाड़ के समीप भूस्खलन होने से एक घंटा यातायात प्रभावित रहा। जिले के कई मार्गों पर भी वाहनों की आवाजाही दो से तीन घंटे तक ठप रही।
Road blocked due to land slides near Dhalli by pass .Men and machinery are trying to restore the traffic . pic.twitter.com/QLw0QyyMG0
— HP Traffic, Tourist & Railways Police (@TTRHimachal) September 12, 2021
17 सितंबर तक प्रदेश में मौसम खराब रहने की संभावना
हिमाचल प्रदेश से 26 सितंबर तक मानसून विदा होगा। 13 सितंबर से मानसून के कमजोर पड़ने के आसार हैं। 17 सितंबर तक प्रदेश में मौसम खराब रहने की संभावना है। प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान अभी तक 19 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड हुई है। मंडी जिले को छोड़कर प्रदेश के शेष सभी जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। मंडी जिले में भी सामान्य से मात्र दो फीसदी अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई है। 13 जून से 11 सितंबर तक प्रदेश भर में 566 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। इस अवधि में सामान्य बारिश 696 मिलीमीटर को माना गया है। वर्ष 2020 में 30 सितंबर को हिमाचल से मानसून विदा हुआ था। इस बार मानसून में 13 जून से 11 सितंबर तक प्रदेश में कुल 99861.194 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। मानसून में आपदाओं के चलते 379 लोगों की जान चली गई जबकि 13 लापता हुए। इसके अलावा इस दौरान 666 जानवरों/पक्षियों की मौत हुई।
हिमाचल प्रदेश का बरसात में करोड़ों का नुकसान
मानसून के दौरान 107 कच्चे व 45 पक्के मकानों के अलावा 634 गोशालाएं बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुईं। जबकि 132 पक्के, 647 कच्चे मकानों और 17 दुकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा। कृषि क्षेत्र को 4565.44 लाख व बागवानी को 2,887.57 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं, पीडब्ल्यूडी को 59203.6, आईपीएच 29059.2, विद्युत 462.6, स्वास्थ्य 60.9, प्रारंभिक शिक्षा 19.45, उच्च शिक्षा क्षेत्र 45.08, ग्रामीण विकास 242.71 और शहरी विकास विभाग को 850.47 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। हिमाचल प्रदेश राजस्व विभाग के तहत राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की ओर से जारी आंकड़ों में इसका खुलासा हुआ है।
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