सरकारी योजना का नहीं किया इंतजार, हमीरपुर में शिक्षकों ने बच्चों को दिए स्मार्टफोन
बड़सर। हमीरपुर के शिक्षकों ने कोरोना महामारी के बीच मिसाल कायम की है। कोरोना के कारण स्कूल बंद हैं। ऑनलाइन माध्यम से बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। मगर प्रदेश में हजारों ऐसे छात्र भी हैं, जिनके पास स्मार्टफोन ही नहीं हैं। बच्चे स्मार्टफोन के बिना शिक्षा से वंचित न रहें, इसके लिए हमीरपुर के शिक्षक आगे आए हैं। शिक्षकों ने जरूरतमंद बच्चों को स्मार्टफोन देकर नई मिसाल कायम की हैं।
भोटा क्षेत्र में हर घर पाठशाला के तहत ऑनलाइन शिक्षा की लौ से महरूम जरूरतमंद बच्चों के चेहरों पर मुस्कान खिल गई है । सात घरों में स्मार्टफोन न होने से 20 छात्र ऑनलाइन शिक्षा से वंचित हो रहे थे। उनकी मदद के लिए खुद उनके शिक्षक केंद्रीय मुख्य शिक्षक (CHT) संदीप कुमार ने स्मार्टफोन प्रदान किए। संदीप कुमार राज्य पुरस्कार विजेता हैं। उन्होंने 37,500 रुपये में नए 5 स्मार्टफोन खरीदे हैं।

शिक्षक संदीप कुमार ने जरूरतमंद बच्चों को स्मार्टफोन देकर शिक्षक समाज को नई दिशा दिखाई। उनसे प्रेरित होकर भोटा और दैण स्कूल के शिक्षकों कुलदीप चंद, पार्वती नेगी, मनोरमा, मोनिका, अंबिका और राजेश कुमार ने भी दो स्मार्टफोन बच्चों को घर जाकर भेंट किए। यह स्मार्टफोन सोनिया, आरती, पूजा, लक्ष्मी, ज्योति , राखी, मीनाक्षी, अंशिका, राधिका, दर्पण, पायल, दिया, आदित्य, अभय, सूजल और तमन्ना व अंकिता को दिए हैं।
अभिभावक में कनक पाल, मींटू, प्रेम सागर, नरेश, विजय, विनोद, अमी चंद और बीरी सिंह ने शिक्षक संदीप कुमार व स्टाफ का आभार जताया है। उन्होंने बताया कि उनके पास स्मार्टफोन नहीं थे। दिहाड़ी मजदूरी पर जाते थे। बच्चे फोन करके मुश्किल से पढ़ाई करते थे। यह बात बच्चों ने शिक्षक संदीप कुमार से सांझा की थी। इसके बाद सरकारी योजना की प्रतीक्षा करने की बजाय संदीप कुमार ने स्वयं ही इन बच्चों को नए मोबाईल फोन खरीदकर दिए।
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