हिमाचल की ईशानी का देश में कोई नहीं सानी, फतह की छठी सबसे ऊंची चोटी 'माउंट चो ओयू'

हिमाचल प्रदेश की ईशानी जम्बाल 'माउंट चो ओयू पीक' (Mount Cho Oyu Peak) को फतह करने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। यह चोटी नेपाल (Nepal) और चीन (China) के मध्य स्थित है।
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हिमाचल प्रदेश की ईशानी जम्बाल 'माउंट चो ओयू पीक' (Mount Cho Oyu Peak) को फतह करने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। यह चोटी भारत के पड़ोसी देशों नेपाल (Nepal) और चीन (China) के मध्य स्थित है। दक्षिण की ओर से दुनिया की छठी सबसे ऊंची और कठिन चोटी पर 7200 मीटर की ऊंचाई तक हिमाचल प्रदेश की ईशानी पहुंच गईं हैं।

कुल्लू। हिमाचल प्रदेश की ईशानी जम्बाल 'माउंट चो ओयू पीक' (Mount Cho Oyu Peak) को फतह करने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। यह चोटी भारत के पड़ोसी देशों नेपाल (Nepal) और चीन (China) के मध्य स्थित है। दक्षिण की ओर से दुनिया की छठी सबसे ऊंची और कठिन चोटी पर 7200 मीटर की ऊंचाई तक हिमाचल प्रदेश की ईशानी पहुंच गईं हैं।


'माउंट चो ओयू' के अत्यंत चुनौतीपूर्ण दक्षिण की ओर अधिकतम ऊंचाई तक पहुंचने के लिए वह दुनिया भर के पर्वतारोहियों (climbers) में एकमात्र महिला बन गई है। ईशानी ने कहा कि वह खुद को चुनौती देने और देश के लिए अपने शिखर पर चढ़ने में सक्षम थी। ईशानी ने अपने माता-पिता, प्रशिक्षकों, नेतृत्वकर्ताओं और विशेष रूप से अपने प्रायोजकों का आभार प्रकट किया है।


ईशानी ने कहा कि उसका उद्देश्य पर्वतारोहण को एक साहसिक कार्य के रूप में बढ़ावा देना है। साथ ही सरकार से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय अभियानों के लिए पर्वतारोहियों को आर्थिक रूप से समर्थन देने का अनुरोध किया है। गौर रहे कि ईशानी जम्बाल कुल्लू जिला से संबंध रखती है। जिला के पाहनाला की रहने वाली ईशानी जंबाल आज दुनिया के लिए प्रेरणा की स्त्रोत बन गई हैं। 


ईशानी के पिता शक्ति सिंह एवं माता नलिनी जम्बाल ने कहा कि उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है। इस पीक को फतह कर ईशानी ने प्रदेश व देश का नाम दुनिया भर में ऊंचा किया है।  उन्होंने सरकार से अपील की है कि इस तरह के साहसिक बच्चों को प्रोत्साहित करना चाहिए। इससे पहले ईशानी ने लेह-लद्दाख की पीक कुन पर भी फतह हासिल की है। 

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