Dharamshala: कांगड़ा में नहीं बिकेगा चाइनिज मांझा; शीशे के मिश्रण वाले धागों की बिक्री पर भी रोक
धर्मशाला। जिला कांगड़ा में अब चाइनीज मांझा (Chinese Manjha) नहीं बिक सकेगा। डीसी कांगड़ा (DC Kangra) ने चाइनीज मांझा की बिक्री पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही नायलन, पीतल और शीशे के मिश्रण से बने धागों के इस्तेमाल और बिक्री पर भी रोक लगा दी गई है। डीसी कांगड़ा ने धारा-144 के तहत यह आदेश जारी किए हैं। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के आदेशों की अनुपालना करते हुए जिला कांगड़ा (Kangra) में दो महीनों इनकी बिक्री पर रोक लगाई गई है।
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डीसी कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल (DC kangra Dr. Nipun Jindal) ने कहा कि 22 जनवरी को इंदौरा में पतंग उड़ाने में मांझे (Chinese Manjha) के प्रयोग से एक व्यक्ति की नाक में गंभीर चोट आने की मीडिया के माध्यम से रिपोर्ट प्राप्त हुई थी। इसके कारण ही अब कांगड़ा जिला में नायलन, पीतल के मिश्रण से बने पक्के धागे, चाइनिज मांझा, शीशे के मिश्रण से बने धागों की बिक्री और उपयोग पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाई है। आगामी दो महीनों के लिए यह प्रतिबंध जारी रहेंगे।
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उन्होंने कहा कि आदेशों की अवहेलना करने पर धारा-188 के तहत आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करवाने के लिए संबंधित उपमंडलाधिकारियों (SDM) तथा तहसीलदार स्तर के अधिकारियों को कार्रवाई के लिए प्राधिकृत किया गया है। इसके अलावा खाद्य आपूर्ति विभाग (food Supply Department) को भी इन धागों की बिक्री संबंधी रोक के आदेशों को लेकर दुकानों का नियमित निरीक्षण करने के लिए कहा गया है।
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चाइनिज मांझा तथा पक्का धागे के कारण पक्षियों को भी नुक्सान पहुंचने की संभावना बनी रहती है यह धागा पर्यावरण की दृष्टि से भी हानिकारक है। उल्लेखनीय है कि चाइनीज मांझा का निर्माण धागे से नहीं नायलान से किया जाता है। यही कारण है कि यह काफी मजबूत होती है। जैसे ही चाइनीज मांझा किसी के गले, हाथ या अन्य अंगों में फंसती है तो वह उसे काट देती है। सामान्य डोर धागे की बनी होती है।