सीएम जयराम ठाकुर पेश करेंगे अपने कार्यकाल का आखिरी बजट, हो सकती हैं ये घोषणाएं

बजट सत्र के दौरान मुख्यंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक (Himachal cabinet meeting) में शुक्रवार को पेश किए जाने वाले बजट भाषण को मंजूरी  दे दी गई।
 

हिमाचल प्रदेश विधानसभा का वित्त वर्ष 2022-23 का बजट शुक्रवार यानी आज पेश किया जाएगा। बजट सत्र के दौरान मुख्यंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक (Himachal cabinet meeting) में शुक्रवार को पेश किए जाने वाले बजट भाषण को मंजूरी  दे दी गई। कैबिनेट मीटिंग में ओल्ड पेंशन स्कीम की मांग के साथ ही न्यू पेंशन स्कीम कर्मचारियों के आंदोलन पर भी चर्चा की गई।

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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर शुक्रवार को 11 बजे बजट पेश करेंगे। ये बजट मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कार्यकाल का आखिरी बजट है। हर बार की तरह इस बजट के भी टैक्स फ्री रहने के आसार हैं। इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में किसी भी प्रकार का नया टैक्स नहीं लगाए जाने के आसार हैं। वहीं, ओपीएस यानी ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने को लेकर सरकार कोई घोषणा करेगा, ऐसी संभावना भी नहीं लग रही। 

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इसके पीछे का कारण ये है कि सदन में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आंदोलनकारी कर्मचारियों को ओल्ड पेंशन स्कीम को लेकर शालीनता से सरकार के साथ बातचीत के लिए कहा था। साथ ही ये भी संकेत दिए कि कर्मचारी राजनीतिक खिलौना न बनें, उनका इशारा कांग्रेस की तरफ था। हालांकि कांग्रेस ने सदन के भीतर तो प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया, लेकिन विधानसभा के बाहर उनके प्रदर्शन को संबोधित नहीं किया।

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दवाब डालकर मांगे मनवाना उचित नहीं
उधर, वीरवार को सदन की कार्यवाही पूरी होने पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मीडिया के साथ बातचीत में भी कर्मचारियों को लेकर तीखे तेवर दिखाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने कमेटी का गठन किया है। कोविड काल होने के बावजूद कर्मचारियों को कई तरह के वित्तीय लाभ भी दिए गए। अब ओपीएस पर ये हंगामा उचित नहीं है। सरकार बातचीत के जरिए सभी मसलों को सुलझाने की मंशा रखती है। उन्होंने कहा कि दवाब डालकर मांगें मनवाना उचित नहीं है। 

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55 हजार करोड़ का हो सकता है वजट
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विधायकों और प्रदेश की जनता से भी बजट के लिए सुझाव आमंत्रित किए गए थे। जनता की तरफ से दो सौ से अधिक सुझाव दिए गए हैं। पिछली बार हिमाचल प्रदेश बजट 50192 करोड़ का था। इस बार बजट का आकार 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। बजट में राज्य सरकार आम बिजली उपभोक्ताओं को राहत दे सकती है। इसी प्रकार सामाजिक न्याय से जुड़ी योजनाओं, दैनिक मजदूरी में बढ़ोतरी और सामाजिक सुरक्षा पेंशन में बढ़ोतरी हो सकती है।