भारतीय हॉकी टीम के पहले हिमाचली कप्तान चरणजीत सिंह का निधन, ओलंपिक में दिलाया था स्वर्ण

ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता भारतीय हॉकी टीम के कप्तान रहे चरणजीत सिंह का निधन हो गया है। वीरवार को उन्होंने अंतिम सांस ली है। चरणजीत सिंह को खेलों में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें अर्जुन पुरस्कार दिया गया था।
 

ऊना। ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता भारतीय हॉकी टीम के कप्तान रहे चरणजीत सिंह का निधन हो गया है। वीरवार को उन्होंने अंतिम सांस ली है। चरणजीत सिंह को खेलों में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें अर्जुन पुरस्कार दिया गया था। इसके साथ ही उन्हें पद्मश्री से भी नवाजा गया था। पद्मश्री चरणजीत सिंह ने लगभग 92 साल की उम्र में देहत्यागी है।


ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता भारतीय हॉकी टीम के कप्तान रहे अर्जुन अवार्डी और पदमश्री चरणजीत सिंह ने ऊना में अपने घर पर सुबह पांच बजे अंतिम सांस ली। शाम चार बजे स्वर्गधाम में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। भारतीय हॉकी टीम की कमान संभालते हुए ऊना के मैड़ी के रहने वाले चरणजीत सिंह ने देश को ओलंपिक में स्वर्ण पदक दिलवाया था। 

ऊना के मैड़ी में 3 फरवरी 1931 को जन्मे चरणजीत सिंह ने टोक्यो ओलंपिक 1964 में इतिहास रच दिया था। उनकी अगुवाई में भारतीय टीम ने इस ओलंपिक में स्वर्ण जीता था। अब तक हिमाचल के एक ही खिलाड़ी ने भारतीय हॉकी टीम की कप्तानी संभाली है। टोक्यो ओलंपिक 1964 में ऊना के चरणजीत सिंह को टीम इंडिया की कप्तानी मिली थी। टीम ने दमदार प्रदर्शन करते हुए इस ओलंपिक में देश को गोल्ड मेडल दिलाया था।