हिमखंड हटाकर बीआरओ ने यातायात के लिए रोहतांग किया बहाल  

कुल्लू। बीआरओ की टीम सर्द हवाओं के बीच रोहतांग बहाली में डटी रही। रोहतांग के पास गिरे हिमखंड को हटाकर बीआरओ ने दर्रे को यातायात के लिए बहाल कर दिया है। हालांकि रोहतांग दर्रा होकर वाहनों की आवाजाही मौसम पर निर्भर करेगी। तीन दिन बाद रोहतांग मार्ग बहाल होने से लोगों ने राहत की सांस
 

कुल्लू। बीआरओ की टीम सर्द हवाओं के बीच रोहतांग बहाली में डटी रही। रोहतांग के पास गिरे हिमखंड को हटाकर बीआरओ ने दर्रे को यातायात के लिए बहाल कर दिया है। हालांकि रोहतांग दर्रा होकर वाहनों की आवाजाही मौसम पर निर्भर करेगी। तीन दिन बाद रोहतांग मार्ग बहाल होने से लोगों ने राहत की सांस ली है।

हालांकि रोहतांग के पास हिमखंड गिरने और बंता मोड़ में लगातार भूस्खलन के कारण मंगलवार को भी लाहौल के लिए लोगों को नहीं भेजा गया। बर्फबारी के कारण रोहतांग दर्रा तीन दिनों तक यातायात के लिए अवरुद्ध रहा। बीआरओ की कोशिशों के बाद भी सोमवार को भी सड़क बहाल नहीं हो पाई थी। इसके चलते प्रशासन ने मनाली से लाहौल जाने के लिए किसानों को अनुमति नहीं दी। रोहतांग दर्रा के पास गिरे हिमखंड हटाने में बीआरओ को काफी पसीना बहाना पड़ा। तीन दिनों के कड़ी मेहनत के बाद मंगलवार देर शाम को बीआरओ ने हिमखंड हटाकर सड़क वाहनों के लिए खोल दी है। बीआरओ का कहना है कि यदि मौसम सही रहा तो बुधवार को वाहनों की आवाजाही सुचारू रह सकती है।38 बीआरटीएफ के कमांडर कर्नल उमाशंकर ने कहा कि बीआरओ ने मंगलवार देर शाम रोहतांग दर्रा पर गिरे हिमखंड को हटा दिया है। बर्फबारी के बाद धूप खिलने से रोहतांग के आसपास हिमस्खलन का क्रम जारी है। तीन दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद हिमखंडों को हटाते हुए बीआरओ ने सड़क मार्ग खोल दिया है।