यंग द्रुकपा एसोसिएशन गरशा ने कुल्लू के बिजली महादेव में निकली इको पदयात्रा
कुल्लू। यंग द्रुकपा एसोसिएशन गरशा ने जिला कुल्लू के बिजली महादेव में इको पदयात्रा की शुरुआत की। इसमें देचेन छोकर गोम्पा शाडाबई के बौद्ध धर्म गुरु सोमंग रिंपोछे और उनके साथ लामा गण व विभिन्न जगह से आए श्रद्धालु और वॉलिंटियर्स इस इको पदयात्रा में शामिल हुए। पदयात्रा की शुरुआत प्रातः 7 बजे कुल्लू के ढालपुर से शुरू हुआ और इसकी विधिवत शुरुआत रिंपोछे व लामा गणों द्वारा बिजली महादेव प्रांगण में पूजा अर्चना से की गई। पदयात्रा में जहां जनजातीय जिला लाहुल स्पिति, किन्नौर और पांगी के श्रद्धालुओं ने भाग लिया। वहीं, दिल्ली से आए नारोपा फेलो संजीवन रॉय व सोलो ट्रेवलर पलवी झारखंड ने भी हिस्सा लिया।
मंदिर प्रांगण में पूजा अर्चना के बाद रिंपोछे सोमंग ने समस्त श्रदालुओं को प्रकर्ति संरक्षण का संदेश दिया। सभी से अपील किया कि हिमालय के इन बेहद खूबसूरत वादियों को साफ सुथरा रखने में अपनी-अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर इसके संरक्षण करने को कहा। साथ ही साथ यह भी संदेश दिया कि प्लास्टिक का उपयोग कदापि न करें, क्योंकि पर्यावरण को नुकसान सबसे ज्यादा यह प्लास्टिक ही करता है।
पूजा पाठ के बाद सभी श्रदालुओं के लिए भोजन का भी प्रबंध एसोसिएशन द्वारा रखा गया तत्पश्चात बिजली महादेव परिसर व इसके आसपास में एक विशाल सफाई अभियान का आयोजन भी किया गया। इसमें लगभग 300 वलंटियर ने हिस्सा लिया व ढेरों कूड़ा-कर्कट इकट्ठा कर कुल्लू लाया गया । वाईडीए के प्रेस सचिव कुंगा ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह यंग द्रुकपा एसोसिएशन गरशा के 6वीं इको पदयात्रा है। लोगों ने इसमें बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। वहीं, यंग द्रुकपा एसोसिएशन गरशा के ज्वाइंट सेकेरेटेरी तेनजिन ने बताया कि इस इको पदयात्रा को सफल बनाने में जिला प्रशासन कुल्लू एसडीएम, बीडीओ, नेहरू युवा केंद्र व अन्य संस्थाओं का बहुत सहयोग रहा और एकदिवसीय इको पदयात्रा को सफल बनाने में मददगार साबित हुआ। प्रेस सचिव कुंगा ने बताया कि वाईडीए गरशा इस से पूर्व भी लाहुल स्पिति व अन्य धार्मिक स्थलों पर इस तरह के पदयात्रा व सफाई अभियान चला चुके हैं जो बेहद कामयाब भी रहा और लोगों ने उनके संदेश को अपनाया भी है। उन्होंने बताया कि लाहुल स्पिति में जून माह में दूसरा इको फेस्टिवल करवाया जाएगा, जिसमें देश विदेश से सैंकड़ो लोग हिस्सा लेंगे। सभी पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करेंगे और इस साल भी पदयात्रा को भव्य व सफलता पूर्वक आयोजित किया जाएगा।