हिमाचल में 2000 करोड़ के प्रोजेक्ट हुए हैं मंजूर, धन की कमी नहीं : जयराम

शिमला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रदेश के सैकड़ों प्रोजेक्टों को हरी झंडी मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट का आभार जताया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से अटके इन प्रोजेक्टों को अब करीब 2000 करोड़ रुपये से 685.58 हेक्टेयर क्षेत्र में जमीन पर उतारा जा सकेगा। प्रदेश सरकार के पास पर्याप्त धन है। फिर भी कोई
 

शिमला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रदेश के सैकड़ों प्रोजेक्टों को हरी झंडी मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट का आभार जताया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से अटके इन प्रोजेक्टों को अब करीब 2000 करोड़ रुपये से 685.58 हेक्टेयर क्षेत्र में जमीन पर उतारा जा सकेगा। प्रदेश सरकार के पास पर्याप्त धन है। फिर भी कोई कमी आएगी तो केंद्र सरकार से बात की जाएगी। सीएम बुधवार को शिमला में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। 605 परियोजनाओं को मंजूरी मिलने के बाद सीएम ने केंद्रीय विश्वविद्यालय परिसर निर्माण के लिए भी हरी झंडी मिलने की आशा व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष सही तरीके से रखने में सफल रही है।

 

 

सीएम ने कहा कि एफसीए की 138 परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। इनमें 20 बिजली परियोजनाएं, 88 सड़क परियोजनाएं, पांच पेयजल और अन्य परियोजनाएं, तीन बस अड्डा परियोजनाएं, दो राजकीय महाविद्यालय, कोषागार कार्यालय भवन, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, आईआईटी कमांद, स्कूल, कार पार्किंग, सब मार्केट यार्ड, पुलिस पोस्ट, गो सदन, रोपवे मनाली हैलीपेड, शिवधाम मंडी और पुल आदि शामिल हैं। मंडी में पर्यटन विभाग की महत्वाकांक्षी शिवधाम परियोजना को भी न्यायालय ने मंजूरी दी है।

 

 

एफआरए में 465 परियोजनाओं को हरी झंडी मिली है। इनमें 334 सड़क परियोजनाएं, 53 स्कूल, 20 सामुदायिक केंद्र, 18 पेयजल आपूर्ति, पानी की पाइपलाइन, 13 टैंक और अन्य लघु जलस्रोत, 10 औषधालय या अस्पताल, 7 आंगनबाड़ी केंद्र, 6 कौशल उन्नयन, व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र और उचित मूल्य की दुकान, विद्युत, टेलीलाइन, लघु सिंचाई चैनल और जल या वर्षा संग्रहण संरचना आदि परियोजनाएं शामिल हैं।

 

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1337 करोड़ रुपये के ग्रीन कोरिडोर नेशनल हाईवे सिरमौर और केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से मंजूर 61.48 करोड़ रुपये लागत के टू लेन नेशनल हाईवे 20ए यानी नया एनएच 503 धर्मशाला प्रमुख परियोजनाएं हैं।  उन्होंने कहा कि 56.36 करोड़ रुपये लागत के 66 केवी लाइन सैंज उप केंद्र से लास्टाधार, 12.54 करोड़ रुपये लागत के वर्तमान 33/11 केवी उपकेंद्र के स्तरोन्नयन, दो एमवी सोलर पीवी काजा की स्थापना को 19.31 करोड़ की योजना, 2.07 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले 33/11 केवी तलयार मंडी और 6.74 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले 33/11 केवी मानव रहित उप केंद्र मनाली के निर्माण के लिए भी अनुमति प्रदान की गई है।

 

 

अस्पताल और औषधालय शुरू करने में मदद करेगा केंद्र

न्यायालय ने हिमाचल प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कार्पोरेशन लिमिटेड की 338.31 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में निरमंड से कोटला उप केंद्र की 31.73 करोड़ रुपये की 66 केवी डीसी लाइन, 11.97 करोड़ रुपये की कुरथला-बठार से माजरा की 132 केवी ट्रांसमिशन लाइन, अंधेरी कालाअंब में  66.47 करोड़ रुपये की 220/132/33 केवी उप केंद्र, दैहन से हमीरपुर 119.58 करोड़ रुपये की 220 केवी ट्रांसमिशन लाइन और लाहा में 108.58 करोड़ रुपये की 66/220 केवी हेलिंग उप केंद्र शामिल हैं। 46.80 करोड़ रुपये की धौलासिद्ध जल विद्युत परियोजना के निर्माण का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है। शिक्षा विभाग की 142.67 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं को भी सर्वोच्च न्यायालय की ओर से मंजूरी दी गई है। नगर निगम शिमला, पशुपालन, परिवहन, स्वास्थ्य, आयुर्वेद और निर्वाचन विभाग की 20 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं को भी मंजूरी मिली है।