PLASTIC की बोतलें भी हिमाचल में होंगी प्रतिबंधित

शिमला। हिमाचल में जल्द ही प्लास्टिक (PLASTIC) की पानी की बोतलों पर भी प्रतिबंध लगाया जाएगा। यह प्रतिबंध जनसभाओं में प्रयोग होने वाली एक लीटर से कम क्षमता वाली PLASTIC बोतलों पर होगा। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने शुक्रवार को शिमला में विश्व पर्यावरण दिवस कार्यक्रम के दौरान यह बात कही है। वह पर्यावरण, विज्ञान
 

शिमला। हिमाचल में जल्द ही प्लास्टिक (PLASTIC) की पानी की बोतलों पर भी प्रतिबंध लगाया जाएगा। यह प्रतिबंध जनसभाओं में प्रयोग होने वाली एक लीटर से कम क्षमता वाली PLASTIC बोतलों पर होगा। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने शुक्रवार को शिमला में विश्व पर्यावरण दिवस कार्यक्रम के दौरान यह बात कही है। वह पर्यावरण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के राज्य स्तरीय की अध्यक्षता कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पॉलीथिन बड़े पैमाने पर हमारे जल निकायों को प्रदूषित कर रहा है। स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है। राज्य में पॉलीथिन बैग के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने वाला हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य है। सरकार ने नाॅन बायोडिग्रेबल थर्माकोल कटलरी के उपयोग पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। सरकार ने पत्तियों से बने डोना और प्लेट के उपयोग को बढ़ावा दिया है। वहीं उन्होंने राज्य में पर्यटकों को पॉलीथिन बैग के बजाय जूट या पेपर बैग के उपयोग के लिए जागरूक करने संबंधी प्रयास करने पर भी जोर दिया।

पर्यावरण दिवस केवल औपचारिकता नहीं होना चाहिए

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल ने विकास व पर्यावरण के बीच संतुलन बनाते हुए सतत विकास के पथ पर लगातार कदम आगे बढ़ाएं हैं। हिमालय क्षेत्र न केवल इस क्षेत्र में निवास करने वाले लोगों के लिए बल्कि पूरे विश्व के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राज्य विविध जलवायु परिस्थितियों और विभिन्न प्रकार की वनस्पतियों और जीवों से सम्पन्न है। उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस पृथ्वी की देखभाल करने के लिए लोगों का दिन है। यह दिवस केवल औपचारिकता नहीं होना चाहिए।

सरकार खरीद रही है पॉलीथिन, पक्की हो रही हैं सड़कें

राज्य सरकार ने पाॅलीथीन खरीदने की योजना भी शुरू की है, जिसके तहत लोगों से 75 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से पाॅलीथिन खरीदा जा रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पाॅलीथिन पर्यावरण में न जाए और पुनर्चक्रण कर इसका दोबारा से उपयोग किया जा सके। प्रयोग में लाए गए पाॅलीथिन का पुनः इस्तेमाल सड़कों की टायरिंग के लिए किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पाॅलीथिन जल संसाधनों के प्रदूषण और पानी की आपूर्ति को बाधित करने का एक प्रमुख कारण है।