हिमाचल में कर्मचारियों और पेंशनरों की बल्ले-बल्ले, 300 रुपये हुई मनरेगा की दिहाड़ी

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू शनिवार को बजट में कई बड़ी घोषणाएं की हैं। इसके साथ ही सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों की इस बजट में बल्ले-बल्ले हो गई है। जानें किसको क्या मिलेगा...
 
 

शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू शनिवार को बजट में कई बड़ी घोषणाएं की हैं। इसके साथ ही सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों की इस बजट में बल्ले-बल्ले हो गई है। मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में घोषणा की है कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लीव इन्कैशमेंट और ग्रेच्युटी से संबंधित बकाया का भुगतान एक मार्च 2024 से चरणबद्ध तरीके से शुरू हो जाएगा। एक अप्रैल 2024 से चार प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ते की किस्त जारी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने मनरेगा कामगारों की दिहाड़ी 240 से बढ़ाकर 300 रुपये करने की घोषणा की। 60 रुपये बढ़ाई गई। यह एक ऐतिहासिक बढ़ोतरी है।

एक अप्रैल 2024 के बाद प्रदेश के कर्मचारी को सेवाकाल में कम से कम दो बार एलटीसी की सुविधा मिलेगी। दिहाड़ीदारों को 25 रुपये बढ़ोतरी के साथ 400 रुपये प्रतिदिन दिहाड़ी मिलेगी। आउटसोर्स कर्मियों को अब न्यूनतम 12,000 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। पंचायत वैटनरी असिसटेंट को मिलने वाले 7000 रुपये प्रतिमाह को बढ़ाकर 7500 किया जाएगा। वित्त वर्ष 2024 में पांच हजार गांवों को खुले में शौच मुक्त घोषित किया जाएगा। 1 अप्रैल से राशनकार्ड धारक उपभोक्ता डिपुओं में कोई भी खाद्य तेल प्राप्त कर सकेंगे।  एक लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाली मनरेगा महिला कामगारों को मकान बनाने के लिए तीन लाख की सहायता दी जाएगी। 

मुख्यमंत्री सुक्खू ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का 500 रुपये मानदेय बढ़ाने की घोषणा की। बढ़े हुए मानदेय के साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अब 10000 रुपये मासिक मिलेंगे। मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 7000 रुपये, सहायिका को 5500, आशा वर्कर 5500, मिड-डे मील वर्कर्ज 4,500, जलवाहक (शिक्षा विभाग) 5000, जल रक्षक 5300, जल शक्ति विभाग के बहुउद्देश्यीय कार्यकर्ता को 5000, पैरा फिटर और पंप ऑपरेटर 6300, पंचायत चौकीदार को 8000, राजस्व चौकीदार को 5800, राजस्व लंबरदार 4200 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। इसके साथ सिलाई अध्यापिकाओं के मानदेय में 500, एसएमसी और आईटी अध्यापकों के मानदेय में 1900 रुपये और एसपीओ के मानदेय में 500 रुपये की बढ़ोतरी की है।


पंचायतीराज संस्थानों व नगर निकाय के जन प्रतिनिधियों को बड़ा तोहफा

पंचायती राज संस्थाओं में जिला परिषद अध्यक्ष के मानदेय में 4000, उपाध्यक्ष 3000, सदस्य जिला परिषद 1300, अध्यक्ष पंचायत समिति 1900, उपाध्यक्ष पंचायत समिति 1400, सदस्य पंचायत समिति 1200, प्रधान 1200 व उपप्रधान के मानदेय में 800 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि के साथ सदस्य ग्राम पंचायत को प्रति बैठक मिलने वाले मानदेय में 250 रुपये की वृद्धि की घोषणा की है।  स्थानीय नगर निकायों में महापौर के मानदेय में 4000, उपमहापौर नगर निगम 3000, पार्षद नगर निगम1 400, अध्यक्ष नगर परिषद 1700, उपाध्यक्ष नगर परिषद 1400, पार्षद नगर परिषद 700 रुपये तथा प्रधान नगर पंचायत के मानदेय में 1400 रुपये, उप प्रधान नगर पंचायत के मानदेय में 1100 रुपये व सदस्य नगर पंचायत के मानदेय में 700 रुपये की वृद्धि की गई है।