महिला आत्महत्या मामला : हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा-क्या कार्रवाई की

शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए प्रदेश सरकार से पूछा है कि कोरोना संक्रमित महिला आत्महत्या मामले में अब तक क्या कार्रवाई की गई। हाईकोर्ट ने सरकार से रिपोर्ट मांगी है। गौरतलब है कि मंगलवार को चौपाल की रहने वाली कोरोना संक्रमित महिला ने शिमला के रिप्पन अस्पताल में आत्महत्या कर ली थी।
 

शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए प्रदेश सरकार से पूछा है कि कोरोना संक्रमित महिला आत्महत्या मामले में अब तक क्या कार्रवाई की गई। हाईकोर्ट ने सरकार से रिपोर्ट मांगी है। गौरतलब है कि मंगलवार को चौपाल की रहने वाली कोरोना संक्रमित महिला ने शिमला के रिप्पन अस्पताल में आत्महत्या कर ली थी।

यह भी पढ़ेः- कोरोना संक्रमित महिला की खुदकुशी मामले में महिला आयोग ने लिया संज्ञान

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार महिला के परिजनों ने भी अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए थे। प्रदेश सरकार ने भी इस पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। वहीं डीसी शिमला ने भी एडीएम से दस दिन के भीतर मामले की जांच रिपोर्ट देने को कहा है।

इससे पूर्व राजधानी शिमला के समर्पित कोविड केयर केंद्र दीन दयाल उपाध्याय(डीडीयू) रिपन अस्पताल में कोरोना पॉजिटिव महिला की खुदकुशी मामले में राज्य महिला आयोग ने कड़ा संज्ञान लिया है। आयोग ने एसपी शिमला से मामले की एसीआर रिपोर्ट तलब की। हिमाचल महिला आयोग अध्यक्ष डॉ. डेजी ठाकुर ने कोरोना संक्रमित महिला के आत्महत्या मामले को दुखद: बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक शिमला से मामले की एसीआर रिपोर्ट तलब की गई है। कहा कि इस पूरे मामले पर आयोग नजर बनाए हुए है।

शिमला के डीडीयू में कोरोना संक्रमित महिला ने की आत्महत्या, 18 सितंबर से थी भर्ती

शिमला के डेडीकेटेड कोविड केयर सेंटर डीडीयू (रिपन) में 54 साल की कोरोना पॉजिटिव महिला ने 23 सितंबर को आत्महत्या कर ली थी। वहीं सात महीनों के भीतर कोरोना पॉजिटिव मरीज द्वारा आत्महत्या करने का ये पहला मामला है। इसके चलते लोगों में हड़कंप मच हुआ है। चौपाल की रहने वाली इस महिला को 18 सितंबर को कोरोना पॉजिटिव होने के बाद डीडीयू अस्पताल रेफर किया गया था। लेकिन 22-23 सितंबर की रात 12 बजकर पांच मिनट पर कोविड अस्पताल की तीसरी मंजिल स्थित एक गैलरी में फंदा लगाकर महिला ने जान दे दी थी।