Himachal Budget 2021: पंचायत चौकीदार और सिलाई अध्यापिका का मानदेय बढ़ा
कोरोना संकट से अर्थव्यवस्था को बाहर निकालने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर आज शनिवार को हिमाचल विधानसभा में अपनी सरकार का चौथा बजट पेश कर रहे हैं। अध्यक्ष ने बजट पेश करने को कहा और मुख्यमंत्री ने बजट पढ़ना शुरू किया। सत्ता पक्ष ने टेबल थपथपाई। मुख्यमंत्री ने कोरोना संकट का जिक्र किया, साबित किया संकट मानवता की साूहिक शक्ति से बड़ा नहीं है।
- पंचायतों में आईटी सुविधाओं के लिए 2982 कॉमन सर्विस सेंटर स्थापित होंगे, इस पर 149 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
स्वयं सहायता समूहों को उधमता विकसित करने के मकसद से अतिरिक्त दो लाख का बजट, जिस पर 10 करोड़ का बजट प्रस्तावित। - महिलाओं व स्वयं सहायता समूहों के लिए सिरमौर में स्थापित शी हॉट मॉडल प्रदेश के अन्य जिलों में भी स्थापित होगा।
दुर्गम क्षेत्रों मे बैंकों की सुविधा प्रदान करने के लिए 250 महिलाओं को अधिकृत करेंगे।
पंचायत चौकीदार व सिलाई अध्यापिकाओं का मानदेय बढ़ाया
स्वयं सहायता समूहों को 10 करोड़ सब्सिडी दी जाएगी। 2400 गांव में ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन की गतिविधियां शुरू की जाएंगी। पंचायत चौकीदार और सिलाई अध्यापिका का मानदेय 300 रुपये बढ़ाया गया। 14000 हेक्टेयर भूमि पर पौधे लगाए जाएंगे। पहले 12000 हेक्टेयर में लगाने का लक्ष्य था। 68 स्वर्ण वाटिका स्थापित होंगी। पराला में सेब का जूस प्रसंस्करण केंद्र खुलेगा। एंटी हेल नेट के लिए 60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। राज्य मधुमक्खी बोर्ड के गठन की घोषणा की गई।