Nirmala Sitharaman Live Update: वित्त मंत्री ने की प्रेस कांफ्रेंस, जानिए क्या-क्या कहा
RNN DESK। Nirmala Sitharaman Live Update: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रही हैं। माना जा रहा है कि वह इसमें एक और राहत पैकेज का एलान कर सकती हैं। इस पैकेज में वित्त मंत्री का जोर रोजगार बढ़ाने पर होगा। जानिए हर लाइव अपडेट।
- 10 सेक्टरों के लिए 1.46 लाख करोड़ रुपये की प्रोडक्शन लिंक्ड इनसेंटिव योजना। इससे रोजगार और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। पहले यह योजना तीन क्षेत्रों में शुरू की गई थी: सीतारमण
- कामत कमेटी की सिफारिश के मुताबिक 26 दबावग्रस्त सेक्टरों और स्वास्थ्य सेक्टर के लिए ईसीजीएलजीएस के तहत लाभ दिया गया है। मूलधन चुकाने के लिए 5 साल का समय दिया गया है। यह योजना 31 मार्च 2021 तक रहेगी। इससे एमएसएमई को फायदा होगा: सीतारमण
- इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ईसीजीएलएस) को 31 मार्च 2021 तक बढ़ा दिया गया है। इसके तहत 20 फीसदी कार्यशील पूंजी देने का प्रावधान है। इसके तहत कोलेट्रल फ्री लोन दिया जाता है : सीतारमण
- केंद्र सरकार अगले दो साल तक सब्सिडी देगी। जिस संस्था में 1000 तक कर्मचारी हैं, उसमें 12 फीसदी कर्मचारी और 12 फीसदी नियोक्ता हिस्सा केंद्र देगी। 1000 से अधिक कर्मचारियों वाली संस्थाओं में केंद्र कर्मचारी के हिस्से का 12 फीसदी देगा। 65 फीसदी संस्थाएं इसमें कवर हो जाएंगी: सीतारमण
- आत्मनिर्भर भारत 3.0 के तहत 12 उपायों की घोषणा होगी। रोजगार को बढ़ावा देने के लिए आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना की घोषणा। संगठित क्षेत्र में रोजगार को बल मिलेगा। पंजीकृत ईपीएफओ प्रतिष्ठान से जुड़ने वाले कर्मचारी को इसका फायदा होगा। इससे उन लोगों का फायदा मिलेगा जो पहले ईपीएफओ से नहीं जुडे थे या जिनकी नौकरी 1 मार्च से 30 सितंबर तक नौकरी चली गई हो। यह 1 अक्टूबर 2020 से लागू होगी। यह 30 जून 2021 तक रहेगी: सीतारमण
- आत्मनिर्भर भारत 2.0 अभियान के तहत केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एलटीसी वाउचर स्कीम की घोषणा की गई थी। इसमें अच्छी प्रगति हो रही है। सरकार ने 39 लाख से अधिक टैक्सपेयर्स को इनकम टैक्स 132800 करोड़ रुपये से अधिक का रिफंड किया है: सीतारमण
- इमरजेंसी क्रेडिट लाइन स्कीम (ईसीजीएलएस) के तहत 61 लाख कर्जदारों को 2.05 लाख करोड़ मंजूरी दी गई है। इसमें से 1.52 लाख करोड़ रुपये वितरित कर दिए गए हैं। इससे उद्योगों को अतिरिक्त कार्यशील पूंजी दी गई: सीतारमण
- बैंकों ने 157.44 लाख किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए हैं। उन्हें दो चरणों में 143262 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा के तहत 1681 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। नाबार्ड के माध्यम से 25 हजार करोड़ रुपये की कार्यशील पूंजी आवंटित की गई है: सीतारमण
- आत्मनिर्भर भारत अभियान के पहले चरण का अच्छा प्रदर्शन रहा है। 28 राज्य और केंद्रशासित प्रदेश राशन कार्ड नैशनल पोर्टेबिलिटी के अधीन हैं। इससे 68.6 करोड़ लोगों को फायदा हुआ है। पीएम स्वनिधि योजना के तहत 1373.33 करोड़ रुपये के 13.78 लोन आवंटित किए गए हैंः सीतारमण
- मूडीज ने पहले इस वित्त वर्ष में भारतीय इकॉनमी में 9.6 फीसदी की गिरावट का अनुमान जताया था जिसे उसने घटाकर अब 8.9 फीसदी कर दिया है। इसी तरह 2022 के अनुमान को 8.1 फीसदी से बढ़ाकर 8.6 फीसदी कर दिया है। यह संकेत है कि भारतीय इकॉनमी पटरी पर लौट रही हैः सीतारमण
- आरबीआई ने तीसरी तिमाही में इकॉनमी के पॉजिटिव ग्रोथ का अनुमान जताया है: सीतारमण
- जीएसटी कलेक्शन बढ़ा है। अक्टूबर में इसमें सालाना आधार पर इसमें 10 फीसदी की तेजी आई है। बैंक क्रेडिट में 23 अक्टूबर तक 5.1 फीसदी तेजी आई है। विदेशी मुद्रा भंडार रेकॉर्ड स्तर पर है : सीतारमण
- मैं कुछ नए उपायों की घोषणा करने जा रही हूं। आप इन्हें स्टीमुलस पैकेज कह सकते हैं। इकॉनमी तेजी से पटरी पर लौट रही है। कोरोना के सक्रिय मामले घटे हैंः सीतारमण
- आरबीआई के अनुसंधानकर्ता पंकज कुमार द्वारा तैयार की गयी अध्ययन रपट में कहा गया है कि ‘भारत तकनीकी रूप से 2020-21 की पहली छमाही में अपने इतिहास में पहली बार आर्थिक मंदी में चला गया है। ‘इकोनॉमिक एक्टिविटी इंडेक्स’ यानी आर्थिक कामकाज का सूचकांक शीर्षक से लिखे गए लेख में कहा गया है कि लगातार दूसरी तिमाही में आर्थिक संकुचन होने का अनुमान है। हालांकि इसमें यह भी कहा गया है कि गतिविधियां धीरे-धीरे सामान्य होने के साथ संकुचन की दर कम हो रही है और स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है।
- दूसरी तिमाही के जीडीपी के सरकारी आंकड़े अभी नहीं आए है पर केंद्रीय बैंक के अनुसंधानकर्ताओं ने तात्कालिक पूर्वानुमान विधि का प्रयोग करते हुए अनुमान लगाया है कि सितंबर तिमाही में संकुचन 8.6 प्रतिशत तक रहा होगा। इन अनुसंधानकर्ताओं के विचार बुधवार को जारी आरबीआई के मासिक बुलेटिन में प्रकाशित हुए हैं। आरबीआई ने पहले ही अनुमान लगा रखा है कि चालू वित्त वर्ष में जीडीपी में 9.5 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है।
- भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की एक रिपोर्ट के मुताबिक चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में देश का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) एक साल पहले की तुलना में 8.6 प्रतिशत घटने का अनुमान है। इस तरह लगातार दो तिमाहियों में जीडीपी घटने के साथ देश पहली बार मंदी में घिरा है। कोविड-19 महामारी और लॉकडाउन के असर से पहली तिमाही में 23.9 प्रतिशत का संकुचन हुआ था।
- वित्त मंत्री की पीसी से पहले शेयर बाजार में गिरावट। बीएसई सेंसेक्स 300 से अधिक अंक गिरा, निफ्टी में 80 अंक की गिरावट
- सरकार कोरोना से बुरी तरह प्रभावित क्षेत्रों के लिए राहत का एलान कर सकती है। इनमें एविएशन, हॉस्पिटैलिटी और सर्विसेज शामिल हैं। एमएसएमई को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
सूत्रों ने इस पैकेज के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी लेकिन कहा कि इसका मकसद दबावग्रस्त सेक्टरों को राहत देना होगा। साथ ही इसमें रोजगार सृजन पर जोर होगा। सुस्ती से जूझ रही इकॉनमी को सहारा देने के लिए सरकार 20 अरब डॉलर के नए प्रोत्साहन पैकेज पर काम कर रही है। रॉयटर्स ने सरकारी अधिकारियों ने के हवाले से यह जानकारी दी। सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi), वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) और अन्य शीर्ष अधिकारी आज इस पैकेज को अंतिम रूप देंगे।