रानीकोट-सत्ययास पेयजल योजना पर खर्च होंगे 2.35 करोड़

तीसा। विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज ने शनिवार को खंड विकास अधिकारी कार्यालय के सभागार में बैठक की। उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ विकासात्मक स्कीमों और योजनाओं को लेकर भी बैठक की और क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि रानीकोट-सत्ययास पेयजल योजना (Ranikot-Satyas drinking water scheme) पर 2 करोड़ 35 लाख
 

तीसा। विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज ने शनिवार को खंड विकास अधिकारी कार्यालय के सभागार में बैठक की। उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ विकासात्मक स्कीमों और योजनाओं को लेकर भी बैठक की और क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि रानीकोट-सत्ययास पेयजल योजना (Ranikot-Satyas drinking water scheme) पर 2 करोड़ 35 लाख की राशि खर्च होगी। योजना नाबार्ड के तहत बनेगी और इसके टेंडर भी हो चुके हैं।

जल जीवन मिशन के तहत चोली-कोहाल-सपरोट पेयजल योजना का काम प्रगति पर है। इस योजना पर 5 करोड़ 77 लाख की लागत आएगी। योजना के पूरा होने के बाद 3 पंचायतों के 634 परिवारों को पेयजल की सुविधा हासिल होगी। उन्होंने ये भी बताया कि गुनूघराट पेयजल आपूर्ति योजना विधायक प्राथमिकता के तहत बनेगी। ये योजना 21 हजार की आबादी को लाभान्वित करेगी।

विधान सभा उपाध्यक्ष ने कृषि, बागवानी और पशुपालन विभाग के अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध करने को लेकर व्यवहारिक योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जब इस तरह की योजनाएं बनेंगी तो लोगों को अपने व्यवसाय की तलाश में अपने क्षेत्र से बाहर जाने की आवश्यकता ही नहीं रहेगी। ग्रामीण आर्थिकी में कृषि, बागवानी और पशुपालन की सबसे बड़ी भागीदारी है। विभागों को इस दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे।

विभागीय अधिकारी अलग-अलग क्षेत्रों में पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर अपनी गतिविधियों को अंजाम दें, ताकि योजना के परिणाम आने के बाद अन्य लोगों को भी प्रेरित और जागरूक किया जा सके। उन्होंने कहा कि चुराह में बागवानी और सम्बद्ध गतिविधियों के विकास को लेकर 1 करोड़ 13 लाख की योजना भी तैयार की गई है। चुराह क्षेत्र के 174 लाभार्थियों को मधुमक्खी पालन के लिए 10 लाख की अनुदान राशि जारी की गई है।